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इस स्कीम से किसानों को होगी 12000 रुपये सालाना की इनकम! PM-किसान योजना से डबल

ByPrompt Times

Jul 28, 2020
इस स्कीम से किसानों को होगी 12000 रुपये सालाना की इनकम! PM-किसान योजना से डबल
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Godhan Nyay Yojana: छत्तीसगढ़ के किसान अब गाय का गोबर बेचकर सालाना 12,000 रुपये की कमाई कर सकेंगे. ऐसा राज्य सरकार की ‘गोधन न्याय योजना’ के तहत मुमकिन हो पाएगा. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह रकम केंद्र सरकार की पीएम किसान (PM-Kisan scheme) योजना योजना के तहत मिलने वाली रकम से दोगुनी है. बघेल ने सोमवार को यह योजना लॉन्च की. ‘गोधन न्याय योजना’ के अंतर्गत राज्य सरकार गाय के गोबर को पशुपालक से 2 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदेगी और इसका इस्तेमाल वर्मीकम्पोस्ट या जैविक खाद बनाने करेगी. इस योजना को स्थानीय हरेगी त्योहार के दौरान रायपुर में लॉन्च किया गया. इस त्योहार को कृषि गतिविधियों की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है.

कैसे होगी 12000 सालाना इनकम?

उन्होंने रायपुर से फोन पर पीटीआई को बताया कि गाय पालकों को क्या मिल रहा है? यदि उनके पास तीन या चार पशु हैं, तो वो आसानी से 1500 रुपये प्रति माह कमा सकते हैं. इसलिए यदि वे पीएम किसान योजना के तहत 6000 रुपये सालाना पाते हैं तो उन्हें गोधन न्याय योजना के तहत 12,000 रुपये सालाना मिल जाएगा. उन्हें पीएम किसान के मुकाबले दोगुनी इनकम होगी. केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि या पीएम किसान स्कीम के तहत देशभर में किसानों को सालाना 6000 रुपये तीन समान किस्तों में मिलते हैं. यह स्कीम 1 दिसंबर 2018 से लागू की गई है.

पशुपालकों, किसानों को फायदा

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना से स्थानीय लोगों और किसानों के लिए रोजगार उपलब्ध होगा. पशुओं की भी अच्छी देखभाल सुनिश्चित हो सकेगी. इस योजना का ब्योरा साझा करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि यह किसानों और पशुपालकों दोनों के लिए बेहतर योजना साबित होगी. योजना के तहत पशु की पशुपालक की ओर से अच्छी देखभाल भी सुनिश्चित हो सकेगी. क्योंकि वे गोबर बेचकर आसानी से कमाई कर सकेंगे.

इसके अलावा, इस स्कीम से पशुओं के खेतों में जाने पर भी लगाम लेगी. ​खेतों में पशुओं के चरने से भारी नुकसान उठाना पड़ता था. बघेल ने कहा कि इस योजना से गौशालाओं में बड़े पैमाने पर वर्मीकम्पोस्ट का उत्पादन हो सकेगा. इसे खेतों में नुकसानदायक उर्वरक के इस्तेमाल में कमी आएगी.


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