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मछुआरे को मिली रहस्यमयी ‘जलपरी की बॉडी’, इसका मांस खाने से इंसान हो जाता है अमर!

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05 मार्च 2022 | आज के इस आधुनिक दौर में भी भूत-प्रेत, जलपरी और एलियन के बारे में खबरें सामने निकलकर आती रहती हैं। कभी-कभी ऐसा सुनने को मिलता है जिस पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। लोगों को इस बात के कई सबूत मिले हैं, लेकिन इस पर संदेह की स्थिति बनी रहती है। कहा जाता है कि दुनिया में जलपरी हैं, लेकिन अभी तक इनके होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि सालों पहले मिले अवेशष हमें सोच में डाल देते हैं कि क्या सच में जलपरी होती हैं? अब एक ऐसा ही मामला सामने आया है। 

सैकड़ों साल पहले मिली थी लाश

एक मछुआरे ने 1736 और 1741 के बीच एक रहस्यमयी जीव को जापानी द्वीप शिकोकू से पकड़ा था। मछुआरे द्वारा पकड़ा गया जीव 12 इंच का था जिसे असाकुची के एक मंदिर में रखा गया है। इस जीव की ममी जलपरी जैसा दिखती है। इसके बारे में कहा जा रहा है कि इसके मांस को खाने से इंसान अमर हो जाएगा। वैज्ञानिक इसकी वास्तविक प्रकृति के बारे में जानने के लिए जांच करेंगे। इस रहस्यमयी जीव का निचला हिस्सा मछली की तरह दिखता है। इसके अलावा इसका हंसता हुआ चेहरा, दांत, दो हाथ, सिर और भौंह पर बाल हैं। निचले हिस्से को छोड़ दिया जाए, तो बाकी हिस्सा एक इंसान की तरह नजर आता है।

जलपरी ममी की जाएगी जांच

कुराशिकी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड द आर्ट्स के शोधकर्ता इस ममी की जांच करेंगे। उन्होंने इस रहस्यों की जांच के लिए ममी को सीटी स्कैनिंग करने के लिए लिया है। इस प्रोजेक्ट के साथ ओकायामा फॉकलोर सोसायटी के हिरोशी किनोशिता जुड़े हुए हैं। उनका कहना है कि इस अजीबोगरीब जीव का धार्मिक महत्व भी हो सकता है। 

मांस खाने से सैकड़ों साल जिंदा रही महिला!

हिरोशी ने बताया है कि जापान में माना जाता है कि इंसान की मत्स्यांगना (जलपरी) का मांस खाने से कभी मौत नहीं होती है और वह अमर हो जाता है। जापान के कई इलाकों में माना जाता है कि एक महिला ने गलती से एक जलपरी का मांस खा लिया था जिसके बाद वह 800 सालों तक जिदा रही। जहां पर यह रहस्यमयी जलपरी पाई गाई थी वहीं मंदिर के पास इससे संरक्षित कर रखा गया है। कई लोगों का मानना है कि कोई इंसान वायरस का शिकार हो गया होगा जिसके बाद उसकी ऐसी हालत हो गई होगी। 

Source;-“अमर उजाला”  


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