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धुंध ने रोकी रोशनी की राह, नागरिक परेशान

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09  नवम्बर 2021 | दीपावली त्योहार से तापमान में आई गिरावट और प्रदूषण बढ़ने से वातावरण में धुंध छा गई है। सुबह से रात तक ऐसा माहौल बनने से सूरज भी जोरदारी नहीं दिखा सके। इससे तापमान में बदलाव आने लगा है। अब रात का तापमान और नीचे आने से सर्दी का अहसास और बढ़ जाएगा।

दीपावली के बाद प्रदूषण बढ़ने से तापमान में भी गिरावट आई है। बीते दिनों से धुआं और कुहासे के मिश्रण के रूप में बनी धुंध के चलते लोगों का दम घुट रहा है। सोमवार सुबह सात बजे तक सूर्यदेव नजर नहीं आए। इसके बाद भी वातावरण में धुंध के असर के चलते धूप काफी हल्की रही। सांस लेने में समस्या के अलावा कई लोगों को आंखों में जलन भी महसूस हुई।

क्या है धुंध

स्माग और फाग को मिलाकर धुंध बनी है। आमतौर पर जब ठंडी हवा किसी भीड़-भाड़ वाली जगह पर पहुंचती है, तब स्माग बनता है। ठंडी हवा भारी होती है, जो रिहायशी इलाके की गर्म हवा के नीचे एक परत बना लेती है।

पराली और कूड़ा दहन भी इसकी वजह: पटाखे ही नहीं, पराली और कूड़ा जलाना भी धुंध की वजह है। इन दिनों खेतों में धान की कटाई के बाद बचे हिस्से को किसान जला रहे हैं। इसके अलावा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा भी बेरोक-टोक जलाया जा रहा है।

ये हो सकती है समस्या: खांसी, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, ब्रान्काइटिस, दिल की बीमारी, त्वचा संबंधी बीमारी, नाक, कान, गला, फेफड़ों में संक्रमण, रक्तचाप के मरीजों को ब्रेन स्ट्रोक और हार्टअटैक।

जला रहे पराली: प्रशासन और कृषि विभाग की सजगता और जागरूकता के बाद भी किसान पराली जला रहे हैं। किसानों ने तरीका भी बदल लिया है। पहले जहां समूचे खेत में पराली जलाई जाती थी, अब इसे एक स्थान पर एकत्रित करने के बाद जलाया जा रहा है। जिले में ऐसे अब तक एक दर्जन मामले सेटेलाइट से पकड़े गए हैं, जिनमें कई झोपड़ी और फूस जलाने के निकले।

और गिरा पारा: मौसम में आए बदलाव के बाद तापमान में भी बदलने लगा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसके आगामी दिनों में और नीचे आने के आसार हैं।

Source :- “जागरण”


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