22 नवंबर 2022 | फूड रेगुलेटर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने जेनेटिकली मॉडिफाइड (Genetically Modified Foods) फूड के नियम ड्राफ्ट कर लिये हैं। FSSAI ने GM खाद्य पदार्थों के लिए बनाये गये रेगुलेशन में प्रस्ताव रखा है कि जेनेटिकली मॉडिफाइड ऑर्गेनिज्म (GMOs) से निर्मित खाद्य या सामग्री के निर्माण, बिक्री और आयात के लिए रेगुलेटर से प्रायर अप्रूवल अनिवार्य होगा। ये प्रस्तावित फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (जेनेटिकली मॉडिफाइड फूड्स) नियमन, 2022 खाद्य उपयोग के लिए बेचे जानेवाले जेनेटिकली मॉडिफाइड ऑर्गेनिज्म (GMOs) पर लागू होंगे।
क्या होते हैं GMOs?
GMOs का मतलब किसी भी जीवित जीव से है जिसमें मॉडर्न बायोटेक्नोलॉजी के उपयोग के माध्यम से प्राप्त जेनेटिक मैटेरियल का एक नया संयोजन होता है। ड्राफ्ट रेगुलेशन में कहा गया है, कोई भी व्यक्ति खाद्य प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति के बिना GMOs से उत्पादित किसी भी खाद्य या खाद्य सामग्री का निर्माण, पैकिंग, भंडारण, बिक्री, बाजार या अन्यथा वितरण या आयात नहीं करेगा। FSSAI के मुताबिक,ये नियम GMOs से उत्पादित खाद्य सामग्री पर भी लागू होंगे, जिनमें संशोधित डीएनए (DNA) होता है। साथ ही जीएमओ से उत्पादित खाद्य सामग्री पर भी ये लागू होता है जिसमें संशोधित डीएनए नहीं होता है, लेकिन जीएमओ से प्राप्त सामग्री/एडिटिव्स/प्रोसेसिंग सहायक शामिल होते हैं।
सोर्स :-“नईदुनिया”
