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खाने के शौकीनों के लिए अच्छी खबर, रायपुर में 17 से 19 फरवरी तक चलेगा मिलेट फूड कार्निवाल

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17 फ़रवरी 2023 | खाने के शौकीनों के लिए बड़ी अच्छी खबर आई है. फास्ट फूड के नाम पर चीनी फास्ट फूड के बढ़ते चलन के बीच मिलेट कार्निवाल का आयोजन होने जा रहा है. यहां पहली बार देशी अनाज यानी मिलेट से बने नए-नए व्यंजनों का स्वाद लेने का मौका मिलेगा. छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले इस मिलेट कार्निवाल में देशभर के जाने माने शेफ मिलेट (मोटे अनाज) से नए-नए व्यंजन बनाना सिखाएंगे. इसका आयोजन 17 से 19 फरवरी तक रायपुर में किया जाएगा. दरअसल, भारत सरकार और राज्य सरकार मिलेट को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में राज्य सरकार ने मिलेट से नए-नए व्यंजन बनाना सिखाने के लिए देश के जाने माने शेफ को बुलाया है

सुभाष स्टेडियम में होगा आयोजन

यह कार्निवाल राजधानी रायपुर के सुभाष स्टेडियम में आयोजित की जा रही है. अब तक मिलेट कैफे में रागी से बने पास्ता, चीला, इडली, मंचूरियन, मोमोज, पिज्जा, नूडल, दोसा, कोदो से बनी बिरयानी बनाई जा रही थी. लेकिन इसकी वैरायटी बढ़ाने और घर-घर तक मिलेट को पहुंचाने की जो कोशिश की जा रही है.

इसलिए हो रहा रायपुर में मिलेट कार्निवाल

मिलेट कार्निवाल के आयोजन के पीछे मिलेट को लोगों के डेली मील में शामिल करने और इसके पोषक मूल्य के प्रति जन जागरूकता लाना है. इस आयोजन में प्रतिभागियों और मेहमानों के साथ मिलेट की विशेषताओं को साझा करने के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा चर्चा भी की जाएगी. साथ ही मिलेट की मांग पैदा करने के लिए मिलेट स्टार्टअप अपने पैकेज्ड मिलेट उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे. इसके अलावा मिलेट की खेती के पर्यावरणीय लाभों के बारे में युवा पीढ़ी को जागरूक करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों द्वारा नुक्कड़ नाटक और स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा रोजाना शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी.

राज्य के 14 जिलों में चल रहा है मिलेट मिशन

आपको बता दें कि YEAR 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की गई है. इसके साथ छत्तीसगढ़ में 10 जनवरी 2022 को मिलेट मिशन का शुभारंभ छत्तीसगढ़ सरकार ने किया था. इसके लिए आईसीएआर-आईआईएमआर और राज्य के 14 जिलों के बीच एक एमओयू हस्ताक्षर से हुआ है. इसके अलावा लघु वनोपज संघ ने भी आईसीएआर से अनुबंध किया, जिसके तहत आईआईएमआर मिलेट मिशन के नॉलेज पार्टनर बने.

एमएसपी पर होती है कोदो कुटकी की खरीदी

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है, जहां कोदों, कुटकी का 30 रुपये प्रति किलो और रागी 33.77 रुपये प्रति किलो खरीदा जा रहा है. सीएसआईडीसी ने मिलेट आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ चुनिंदा ब्लॉक में भूमि, संयंत्र और उपकरण पर 50 प्रतिशत सब्सिडी की योजना पेश की है. राज्य कैबिनेट ने मिलेट के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी न्याय योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 9 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा की है. इसमें कोदो, कुटकी और रागी की खेती करने पर यह राशि किसानों को दी जाएगी.

सोर्स :-“ABP न्यूज़                                             


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