03 मई 2022 |
सार
अधिकारियों के निरीक्षण के आधार पर जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने निगम को नौ प्रमुख बिंदुओं पर कार्य योजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, जिससे भविष्य में लैंडफिल साइटों पर आग की घटनाओं को रोका जा सके।
विस्तार
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय बृहस्पतविर को भलस्वा लैंडफिल साइट पहुंचे। अधिकारियों के निरीक्षण के आधार पर जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने निगम को नौ प्रमुख बिंदुओं पर कार्य योजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, जिससे भविष्य में लैंडफिल साइटों पर आग की घटनाओं को रोका जा सके।
भलस्वा लैंडफिल साइट पर गोपाल राय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कूड़े के पहाड़ों से लगातार निकल रही मीथेन गैस , दिल्ली में बढ़ रहा तापमान और शुष्क वायुमंडल लैंडफिल साइट में लगातार लग रही आग के मुख्य कारणों में शामिल हैं।
स्थायी समाधान के रूप में लगातार निकल रही मीथेन गैस को नियंत्रित करने के लिए मुंबई के गैस सकिंग मॉडल को अपनाने के लिए भी मंत्रालय निर्देश जारी कर चुका है। इस संदर्भ में क्षेत्रीय दौरा और डाटा कलेक्शन के लिए पांच और छह मई को डीपीसीसी और निगम की चार सदस्यीय टीम ने मुंबई की गोरई और देवनार डंपिंग साइट का दौरा किया है।
यह है कार्य योजना…
कार्य योजनाओं के बारे में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि प्रमुख बिंदुओं में मुख्यत:ये काम शामिल हैं…
- डीडीएमए के साथ मिलकर आग पर काबू पाने के लिए मौके पर आपातकालीन योजना तैयार करना
- कूड़ा बीनने वालों के अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस, एमसीडी स्टाफ और सिक्योरिडी गार्ड की टीम की नियुक्ती करना
- डंप साइट से उत्पन्न होने वाली मीथेन गैस को ऊपर छोड़ने के लिए डंप साइट के उपयुक्त स्थानों पर एचडीपीई पाइप लगाना
- सुगम परिवहन के लिए कूड़े के पहाड़ के चारों तरफ पेरीफेरी सड़क का निर्माण करना
- डंपिग साइट के चारों तरफ चार मीटर ऊंची आरसीसी बाउंड्री वाल का निर्माण
- सक्शन सह जेटिंग मशीन की तैनाती
- 50 हजार लीटर के अंडरग्राउंड पानी के जलाशय का निर्माण
- डीडीएमए के साथ मिलकर एमसीडी द्वारा एसओपी तैयार करना
- आग की घटनाओं को रोकने के लिए डंपिंग साइट पर जाने वाली गाड़ियों में स्पार्क एरेस्टर लगाना
इन बिंदुओं पर निगम को कार्य करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। गोपाल राय ने लैंडफिल साइट पर लगने वाली आग की घटनाओं पर कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल दिल्ली में प्रदूषण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि दिल्लीवालों के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हैं।
Source;-“अमर उजाला”
