हरियाणा में टिकट कटने की आशंका को देखते हुए राज्य के मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने अपने समर्थकों के साथ ऐलान किया कि रानियां विधानसभा सीट से बीजेपी टिकट देती है तो ठीक, वरना पार्टी अपना देखे ले.
हरियाणा में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. लगातार 10 साल से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जीत की हैट्रिक लगाने की हरसंभव कोशिश में जुटी है. इस बार चुनावी जंग जीतने के लिए बीजेपी ने गोपाल कांडा की हरियाणा लोकहित पार्टी के साथ गठबंधन करने का प्लान बनाया है. सीएम नायब सिंह सैनी इसका ऐलान भी कर चुके हैं. लेकिन इस गठबंधन को लेकर बीजेपी में अंदरुनी बगावत के सुर तेज हो सकते हैं.
गोपाल कांडा के भाई गोविंद कांडा ने अपने बेटे धवल कांडा को सिरसा की रानियां विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर दी, जिसे लेकर मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है. उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कह दिया है कि वह रानियां सीट से हर हाल में चुनाव लड़ेंगे.
टिकट नहीं मिला तो भी रानियां से लड़ूंगा’
रणजीत सिंह चौटाला ने सोमवार को अपने समर्थकों के साथ बैठक के बाद ऐलान किया कि रानियां विधानसभा सीट से बीजेपी टिकट देती है तो ठीक, वरना बीजेपी अपना देखे ले. उन्होंने कहा कि अगर टिकट नहीं मिला तो भी वह रानियां से चुनाव जरूर लड़ेंगे और जीतकर दिखाएंगे. चौटाला ने कहा कि वह चौधरी देवीलाल के बेटे हैं, प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों पर उनका भी जनाधार है.
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह बीजेपी में ही रहकर चुनाव लड़ना चाहते हैं, पहले वह बीजेपी के निर्णय का इंतजार करेंगे और अगर पार्टी से सकारात्मक संदेश नहीं आता है तो इसके बाद फैसला लेंगे. हरियाणा सरकार में बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने गोपाल कांडा को भी चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि रानियां सीट से हम तो जीतेंगे ही, लेकिन सिरसा से गोपाल कांडा इस बार जरूर हारेंगे.
बागी तेवर के बीच CM सैनी और खट्टर मनाने में जुटे
रणजीत चौटाला के बागी तेवर को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर उनकी नाराजगी को दूर करने की कवायद में जुट गए हैं, लेकिन चौटाला ने साफ कर दिया है कि रानियां सीट से वह किसी तरह का कोई समझौता नहीं करेंगे. बीजेपी के लिए इस बात से टेंशन बढ़ गई है, क्योंकि रानियां सीट पर गोपाल कांडा के भतीजे धवल चुनाव लड़ने की तैयारी में है.
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट नहीं मिला तो रणजीत सिंह चौटाला बागी हो गए और निर्दलीय ही रानियां सीट से मैदान में उतर गए. उन्होंने गोपाल कांडा के भाई गोविंद कांडा को करीब 19 हजार वोटों से चुनाव हराया था. गोविंद कांडा अब बीजेपी में आ गए हैं और ऐलनाबाद का उपचुनाव पार्टी के टिकट पर भी लड़ चुके हैं. अब गोविंद कांडा अपने बेटे धवल कांडा को चुनाव लड़ाने की तैयारी में जुटे हैं. गोपाल कांडा खुद सिरसा से विधायक हैं और बीजेपी को समर्थन दे रखा है. इस बार बीजेपी के साथ गठबंधन कर गोपाल कांडा चुनाव लड़ने की प्लानिंग में हैं.
रानियां क्षेत्र में बने हुए हैं रणजीत सिंह
दूसरी ओर, रणजीत सिंह चौटाला ने रानियां विधानसभा सीट पर डेरा डाल रखा है. चौटाला अपने समर्थकों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं और उन्होंने गांवों में प्रचार भी शुरू कर दिया है. ऐसे में उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि बीजेपी टिकट नहीं देती है तो भी चुनाव लड़ेंगे. इस तरह रणजीत सिंह चौटाला ने जिस तरह से बीजेपी और गोपाल कांडा को चुनौती दी है, उससे साफ है कि वह बागी रुख अख्तियार कर चुके हैं. माना जा राह है कि रणजीत चौटाला कांग्रेस में भी जा सकते हैं, क्योंकि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं.
रणजीत चौटाला का रानियां विधानसभा सीट पर खास पकड़ मानी जाती है. इसी का नतीजा है कि वह निर्दलीय भी चुनाव जीतने में सफल रहे हैं. चौटाला अगर फिर से बागी होकर चुनावी मैदान में उतरते हैं तो बीजेपी के लिए रानियां सीट पर मुश्किल खड़ी हो जाएगी. इसीलिए बीजेपी की कोशिश रणजीत चौटाला को मनाने की है. 2024 के लोकसभा चुनाव में रणजीत चौटाला हिसार सीट से बीजेपी प्रत्याशी थे और कांग्रेस के जयप्रकाश से हार गए थे. ऐसे में रणजीत सिंह किसी भी सूरत में रानियां सीट से पीछे नहीं हटना चाहते हैं.
हरियाणा में बीजेपी ने गोपाल कांडा की हरियाणा लोकहित पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की प्लानिंग की है, लेकिन औपचारिक रूप से कोई घोषणा नहीं हुई. गोपाल कांडा केंद्रीय शिक्षा मंत्री और हरियाणा के बीजेपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात कर चुके हैं. एनडीए का हिस्सा होने के लिए कांडा ने 15 सीटें मांगी थीं, लेकिन पार्टी इस पर तैयार नहीं है. माना जा रहा कि बीजेपी गोपाल कांडा को पांच से छह सीटें दे सकती है, लेकिन रणजीत चौटाला के बागी रुख को देखते हए टेंशन बढ़ गई है. ऐसे में अब देखना है कि बीजेपी क्या रास्ता निकालती है?
SOURCE – TV9 BHARATVARSH
