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Health Risk: क्या होता है पॉलीमर फ्यूम फीवर, जानें ये कितना खतरनाक

ByPrompt Times

Jul 25, 2024
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नॉन स्टिक बर्तनों में PFAS केमिकल पाया जाता है. जिसे अगर पूरी तरह खत्म किया जाए तो सैकड़ो साल भी लग सकता है. शरीर में जाने के बाद यह केमिकल न तो पच पाता है और ना ही टूट पाता है.

Polymer fume fever or 'Teflon flu': what you need to know

Polymer Fume Fever : घर में नॉन स्टिक बर्तन है तो उसका सावधानी से इस्तेमाल करें, क्योंकि यह आपके शरीर में एक खतरनाक बीमारी फैला रही है. इस बीमारी का नाम पॉलीमर फ्यूम फीवर है. अमेरिका में अब तक 267 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं. उन्हें अस्पताल में भर्ती तक होना पड़ा है. यह फीवर तब होता है जब नॉन स्टिक पैन को गर्म करने के बाद उसमें से जहरीला धुआं निकलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर पॉलीमर फ्यूम फीवर कितना खतरनाक है…

पॉलीमर फ्यूम फीवर क्या है
रिपोर्ट्स के अनुसार, पॉलीमर फ्यूम फीवर को ही टेफ्लॉन फ्लू (Teflon Flu) भी कहा जाता है. इसमें सिरदर्द, बदन दर्द, बुखार और कंपकंपी होती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि नॉनस्टिक बर्तन से सही तरह खाना न बनाने से टेफ्लॉन फ्लू का खतरा रहता है.

ऐसा अमूमन तब होता है, जब नॉन स्टिक बर्तन ज्यादा गर्म हो जाता है. इसकी वजह से बर्तन की कोटिंग से केमिकल रिलीज होने लगता है, जो बीमारी का कारण बनता है. जब यह केमिकल हवा में घुलता है तो वहां मौजूद लोगों के फेफेड़ों तक पहुंच जाता है और उन्हें बीमार कर देता है.

टेफ्लॉन फ्लू क्यों खतरनाक
टेफ्लॉन सिंथेटिक केमिकल है जो कार्बन-फ्लोरिन के अणुओं के जुड़ने से बनते हैं. इसे पोलीटेटराफ्लूरोइथीलिन भी कहा जाता है. ये नॉन-रिएक्टिव होते हैं. इसकी सतक में घर्षण न होने की वजह से नॉन-स्टिक बर्तन में इस्तेमाल किए जाते हैं. इन बर्तनों में PFAS केमिकल पाया जाता है. जिसे अगर पूरी तरह खत्म किया जाए तो सैकड़ो साल भी लग सकता है.

शरीर में जाने के बाद यह केमिकल न तो पच पाता है और ना ही टूट पाता है. इससे फेफड़ों को काफी परेशानी होती है. इसके लक्षण केमिकल के लंग्स में जाने के कुछ समय बाद नजर आते हैं.

पॉलीमर फ्यूम फीवर के लक्षण
बुखार
ठंडी लगना
सर्दी-खांसी
छाती में भारीपन
सांस लेने में तकलीफ
सिरदर्द, मसल्स और ज्वाइंट पेन
चक्कर आना
थकान लगना
मतली, उल्टी

इस बीमारी का खतरा किसे है?
गर्म धातु और जलते हुए प्लास्टिक उत्पादों से निकलने वाले धुएं से लोगों को फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा हो सकता है.काम पर धातु को वेल्ड करने वाले लोगों को धातु के धुएं के बुखार का ज़्यादा खतरा होता है क्योंकि कुछ कर्मचारियों के पास धुएं के संपर्क में आने से होने वाले प्रभावों को रोकने के लिए सही सुरक्षात्मक उपकरण नहीं होते हैं.

वेल्डिंग के काम के दौरान वे तांबा, लोहा, एल्युमीनियम और टिन सहित कई तरह की धातुओं के संपर्क में आते हैं, जो लोग PTFE (टेफ्लॉन) कुकवेयर को ज़्यादा गर्म करते हैं, वे भी टेफ्लॉन फ्लू से पीड़ित हो सकते हैं. इसलिए, लोगों को धुएं के स्रोत से दूर रहना चाहिए.

SOURCE –  ABP NEWS

 


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