27 अगस्त 2022 | एशिया कप 2022 की शुरुआत 27 अगस्त से हो रही है। पहला मैच श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच है, लेकिन इस टूर्नामेंट में सबसे अहम दूसरे मुकाबले को माना जा रहा है, जिसमें भारत का सामना पाकिस्तान से है। इन्हीं दो टीमों को खिताब जीतने की सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है और यह मुकाबला जीतने वाली टीम ट्रॉफी अपने नाम करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाएगी। हालांकि, श्रीलंका और अफगानिस्तान की टीम भी उलटफेर करने का माद्दा रखती हैं। हॉन्ग कॉन्ग का भी हालिया फॉर्म शानदार है।
यहां हम बता रहे हैं कि किसी टीम की मजबूती क्या है और कमजोरी क्या है। किन वजहों से हार का सामना करना पड़ सकता है और कौन से मजबूत पहलू मैच जीतने में मदद कर सकते हैं।
बल्लेबाजी भारतीय टीम का सबसे मजबूत पहलू है। इस टीम की गेंदबाजी और फील्डिंग भी लाजवाब है। इसी वजह से भारत को खिताब जीतने का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। भारतीय टीम में कप्तान रोहित शर्मा तेज शुरुआत देते हैं और सूर्यकुमार यादव के साथ हार्दिक पांड्या मध्यक्रम में कमाल करते हैं। दिनेश कार्तिक भी सही तरीके से मैच खत्म कर रहे हैं। टीम के स्पिन गेंदबाज भी कमाल के हैं और दुबई की धीमी पिचों का फायदा उठा सकते हैं।
जसप्रीत बुमराह और हर्षल पटेल के बाहर होने के बाद भारत की तेज गेंदबाजी कमजोर पहलू बन गई है। भुवनेश्वर कुमार एकमात्र अनुभवी तेज गेंदबाज हैं। अर्शदीप और आवेश खान का प्रदर्शन भी शानदार रहा है, लेकिन दोनों के पास अनुभव की कमी है। ऐसे में ये गेंदबाज बड़े मैच में दबाव में आ सकते हैं। लक्ष्य का बचाव करने में भारत को परेशानी हो सकती है।
भारतीय टीम
रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, दीपक हुड्डा, दिनेश कार्तिक, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा, आर अश्विन, युजवेंद्र चहल, रवि बिश्नोई, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह, आवेश खान।
रिजर्व खिलाड़ीः श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, दीपक चाहर।
स्टार खिलाड़ी
भारतीय टीम में स्टार खिलाड़ियों की भरमार है, लेकिन मौजूदा समय में सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या शानदार फॉर्म में हैं। इन दोनों खिलाड़ियों पर सभी की नजरें रहेंगी। इसके अलावा युजवेन्द्र चहल और अर्शदीप सिंह भी कमाल कर सकते हैं।
पाकिस्तान के लिए भी बल्लेबाजी सबसे मजबूत पहलू है। टीम के कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान पारी की शुरुआत करते हैं और यही दोनों टीम के सबसे अहम बल्लेबाज हैं। निचले क्रम में हैदर अली और आसिफ अली भी बड़े छक्के लगाने में माहिर हैं और अक्सर आखिरी के ओवरों में ये दोनों तेजी से रन बनाकर पाकिस्तान को बड़े स्कोर तक पहुंचाते हैं।
पाकिस्तान के सबसे अहम गेंदबाज शाहीन अफरीदी के चोटिल होने के बाद पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी भी कमजोर हुई है। स्पिन में भी शादाब खान के अलावा कोई बड़ा नाम नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान की टीम भी लक्ष्य का बचाव करने में दबाव में आ सकती है। पाकिस्तान के पास शुरुआती ओवर में विकट लेने वाला गेंदबाज भी नहीं है।
पाकिस्तानी टीम
बाबर आजम (कप्तान), शादाब खान, आसिफ अली, फखर जमान, हैदर अली, हारिस रऊफ, इफ्तिखार अहमद, खुशदिल शाह, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद वसीम जूनियर, नसीम शाह, शाहनवाज दहानी, उस्मान कादिर, मोहम्मद हुसनैन।
स्टार खिलाड़ी
पाकिस्तान की बल्लेबाजी की रीढ़ बाबर आजम ही हैं। उनके अलावा आसिफ अली और मोहम्मद रिजवान भी कमाल कर सकते हैं। गेंदबाजी में शादाब खान और नसीम शाह पर भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
हॉन्ग कॉन्ग की टीम खिताब जीतने की दावेदार नहीं है। इस टीम के लिए मुख्य दौर में जगह बनाना ही बड़ी उपलब्धि है, लेकिन यह टीम उलटफेर कर किसी टीम का काम खराब कर सकती है। हॉन्ग कॉन्ग का हालिया फॉर्म शानदार है और लगातार तीन मैच जीतने के बाद यह टीम भारत या पाकिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज कर इतिहास रचना चाहेगी। अफगानिस्तान की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों शानदार है, लेकिन अनुभव की कमी इस टीम की सबसे बड़ी कमजोरी है। हॉन्ग कॉन्ग ने अधिकतर मैच कमजोर टीमों के खिलाफ ही खेले हैं। ऐसे में बड़ी टीमों के खिलाफ इस टीम पर काफी दबाव रहेगा।
हॉन्ग कॉन्ग की टीम
निजाकत खान (कप्तान), किनचित शाह, जीशान अली, हारून अरशद, बाबर हयात, आफताब हुसैन, अतीक इकबाल, एजाज खान, एहसान खान, स्कॉट मैककेनी (विकेटकीपर), गजनफर मोहम्मद, यासिम मुर्तजा, धनंजय राव, वाजिद शाह, आयुष शुक्ला, अहान त्रिवेदी, मोहम्मद वहीद।
स्टार खिलाड़ी
यासिम मुर्तजा ने क्वलीफायर राउंड में टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं और उनसे बड़ी टीमों के खिलाफ भी बेहतरीन पारी की उम्मीद होगी। उनके अलावा बाबर हयात भी कमाल कर सकते हैं। गेंदबाजी में एहसान खान और आयुष शुक्ला टीम के अहम खिलाड़ी हैं। कप्तान निजाकत खान भी लंबी पारियां खेलने में माहिर हैं।
अफगानिस्तान की टीम ने पिछले कुछ सालों में काफी सुधार किया है और अब भारत-पाकिस्तान के बाद इसे टूर्नामेंट की तीसरी सबसे मजबूत टीम माना जा रहा है। स्पिन गेंदबाजी इस टीम का सबसे मजबूत पहलू है। टीम के कप्तान मोहम्मद नबी, राशिद खान और मुजीब उर रहमान किसी भी बल्लेबाजी क्रम को तबाह कर सकते हैं। बल्लेबाजी में भी हजरतुल्लाह जजाई और रहमानुल्ला गुरबाज टीम की ताकत हैं।
अफगानिस्तान की कमजोरी उसकी तेज गेंदबाजी है। टीम के पास कई तेज गेंदबाज हैं, जिनके पास गति है, लेकिन उन्हें अभी बहुत कुछ सीखना है। बल्लेबाजी में भी अनुभव की कमी दिखती है और लक्ष्य का पीछा करने में यह टीम लड़खड़ा जाती है।
अफगानिस्तान की टीम
मोहम्मद नबी (कप्तान), नजीबुल्लाह जादरान, अफसर जजई, अजमतुल्लाह ओमरजई, फरीद अहमद मलिक, फजलहक फारूकी, हशमतुल्ला शाहिदी, हजरतुल्लाह जजई, इब्राहिम जादरान, करीम जनत, मुजीब उर रहमान, नजीबुल्लाह जादरान, नूर उल अहमद, रहमानुल्ला गुरबाज, राशिद खान, समीउल्लाह शिनवारी।
रिजर्व खिलाड़ीः निजात मसूद, कैस अहमद, शराफुद्दीन अशरफ।
स्टार खिलाड़ी
राशिद खान और मोहम्मद नबी अफगानिस्तान के लिए सबसे अहम खिलाड़ी हैं। ये दोनों गेंद और बल्ले से कमाल कर सकते हैं। स्पिन गेंदबाज मुजीब उर रहमान भी गेंद के साथ मैच जिता सकते हैं। तेज गेंदबाज फजलहक फारूखी और अंतिम ओवरों में नजीबुल्लाह जादरान भी मैच पलटने में माहिर हैं।
बांग्लादेश टीम
शाकिब अल हसन (कप्तान), अनामुल हक, मुशफिकुर रहीम, अफिफ हुसैन, मोसादेक हुसैन, महमूदुल्लाह, महेदी हसन, मोहम्मद सैफुद्दीन, मुस्तफिजुर रहमान, नसुम अहमद, सब्बीर रहमान, मेहदी हसन मिराज, तस्कीन अहमद, एबादोट हुसैन, परवेज हुसैन एमोन, मोहम्मद नईम।
स्टार खिलाड़ी
बांग्लादेश की टीम सबसे ज्यादा कप्तान शाकिब उल हसन पर निर्भर होगी, जो गेंद और बल्ले दोनों के साथ कमाल के खिलाड़ी हैं। उनके अलावा मुशफिकुर रहीम और महमुदुल्लाह बल्ले के साथ कमाल कर सकते हैं। गेंदबाजी में मुस्तफिजुर रहमान, मेहदी हसन और तस्किन अहमद से उम्मीद की जा सकती है।
