08 नवम्बर 2021 | कम प्रदूषण वाली जिंक जेल बैटरी बनाकर IIT कानपुर इनक्यूबेटेड ऑफग्रिड एनर्जी लैब्स को ग्लोबल मार्क मॉबिस ईएमआई पिच कॉम्पिटिशन का विजेता घोषित किया गया है। न्यूयार्क में आयोजित प्रतियोगिता के अंतिम राउंड में 10 देशों के स्टार्टअप ने हिस्सा लिया। जिसमें भारत का प्रतिनिधित्व ऑफग्रिड एनर्जी लैब्स कानपुर और हेस & शेड्स बेंगलुरु ने किया।
पूरी तरह से मेक इन इंडिया है बैटरी
जिंक जेल बैटरी पर संस्थान के पूर्व पीएचडी छात्र तेजस कुसुरकर और ब्रिंदन तुलचन ने शोध किया है। अभी तक मुख्य रूप से लेड एसिड और लिथियम बैटरी का प्रयोग हो रहा है। दोनों तरह की बैटरी के लिए चीन पर ही निर्भरता है। मगर जिंक जेल बैटरी पूरी तरह मेक इन इंडिया होगी। उन्होंने कहा कि तेजस के मुताबिक लेड एसिड और लिथियम बैटरी में टॉक्सिन्स अधिक होने के कारण यह बड़ा खतरा है।
पूरी तरह से नॉन-टॉक्सिक है
जिंक जेल बैटरी पूरी तरह नॉन-टॉक्सिक है, आग लगने का खतरा नहीं है और इसमें लिथियम बैटरी की तरह फटने का भी डर नहीं है। IIT के निदेशक प्रो अभय करंदीकर ने ट्वीट कर इनक्यूबेटर को बधाई दी।
विजेता टीम को मिले 10 हजार डॉलर
विजेता टीम को 10 हजार डॉलर का नकद पुरस्कार दिया गया। फाइनलिस्ट कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के बिग रेड वेंचर्स द्वारा प्रदान किए गए नेटवर्किंग, कोचिंग और मेंटरशिप के अवसर प्राप्त करेंगे। ईएमआई अपनी वेबसाइट पर फाइनलिस्ट, वार्षिक प्रेजेंटेशन और अतिरिक्त टीम की तरह काम करेगी।
Source :- “दैनिक भास्कर”
