24-Fed-2022 कांकेर जिले के पखांजुर में छत्तीसगढ़ किसान सभा के सैकड़ों आदिवासी किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। दर्जनों गांवों से आए किसानों ने बेचाघाट में प्रस्तावित पुल निर्माण और पुलिस कैंप का विरोध किया है। किसान सभा ने कहा कि बस्तर में लगातार सुराक्षाबलों के कैंप स्थापित किए जा रहे हैं। बस्तर को सैनिक शिविर बनाया जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टी सिर्फ कॉरपोरेट घरानों के लिए काम कर रही है।
छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते ने कहा कि बेचाघाट में प्रस्तावित पुल और सैनिक छावनी निर्माण के विरोध के साथ-साथ भाजपा-कांग्रेस की जनविरोधी, आदिवासी विरोधी नीतियों के खिलाफ भी प्रदर्शन किया जा रहा है। भाजपा-कांग्रेस की कॉरपोरेट परस्त विकास की अवधारणा के कारण पूरे छत्तीसगढ़ के आदिवासी विस्थापन की चपेट में हैं। उनकी संस्कृति और अस्तित्व खतरे में है। अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए जब वे आवाज उठा रहे हैं, तो ये सरकारें उनका निर्मम दमन कर रही है।
उन पर गोलियां चला रही है। आदिवासियों को दिए गए अधिकारों और उनके मानवाधिकारों को मान्यता देनी ही होगी। पिछले दस महीनों से सिलगेर में चल रहे आदिवासी आंदोलन का जिक्र करते हुए किसान सभा के नेता ने भाजपा राज में हुए आदिवासी जन संहारों के खिलाफ आई जांच रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही न करने पर कांग्रेस सरकार की तीखी आलोचना की है।…..source ‘दैनिक भास्कर
