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Indian Railways: 119 साल के इत‍िहास में पहली बार रेलवे बोर्ड की कमान दलित के हाथों में, कौन हैं सतीश कुमार?

ByPrompt Times

Aug 28, 2024
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रेलवे बोर्ड की कमान 1 स‍ितंबर से सतीश कुमार के हाथों में होगी. रेलवे बोर्ड के पहले दल‍ित चेयरमैन और सीईओ के तौर पर उनके नाम को सहमत‍ि दी गई है. वह अगले एक साल तक इस ज‍िम्‍मेदारी को संभालेंगे.

 

भारतीय रेलवे ने 1986 बैच के रेलवे मैकेनिकल इंजीनियर सतीश कुमार (Satish Kumar) को रेलवे बोर्ड का नया चेयरमैन और सीईओ न‍ियुक्‍त क‍िया है. वह रेलवे के 119 साल के इतिहास में दल‍ित होंगे, जो आर्गेनाइजेशन को लीड करेंगे. सतीश कुमार को मौजूदा बोर्ड मेंबर (ट्रैक्शन एंड रोलिंग स्टॉक) से सीईओ के पद पर प्रमोट क‍िया गया है. वह अपना कार्यभार 1 सितंबर को संभालेंगे और अगले एक साल तक इस पद पर बने रहेंगे.

 

1 स‍ितंबर को संभालेंगे अपना पदभार 

सतीश कुमार की पत्‍नी पेशे से डॉक्टर हैं. वह 1 स‍ितंबर को जया वर्मा सिन्हा की जगह लेंगे, जिन्हें केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (CAT) का एडम‍िन‍िस्‍ट्रेट‍िव मेंबर नियुक्त किया गया है. सिन्हा ने पिछले साल रेलवे बोर्ड की पहली महिला सीईओ बनकर र‍िकॉर्ड बनाया था. रेलवे के सर्वोच्च फैसले लेने वाली बॉडी को लीड करने के ल‍िए पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति की मंजूरी ऐसे समय में म‍िली है जब दलित और आरक्षण राजनीतिक विमर्श के प्रमुख विषय बन गए हैं.

 

रेलवे की सेफ्टी में अहम योगदान दिया
कुमार अपनी मौजूदा भूम‍िका में लोको पायलट से जुड़े मामलों का न‍िपटारा करते हैं. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, वह एक सख्त टास्कमास्टर और धैर्य से चीजों को सुनते हैं. अपने 38 साल के करियर में कुमार ने रेलवे की सेफ्टी में अहम योगदान दिया है. उन्‍होंने ‘फॉग सेफ’ डिवाइस को बेहतर बनाने में अहम रोल न‍िभाया है. वह नई वंदे भारत स्लीपर और वंदे भारत मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्‍ट में भी ज‍िम्‍मेदारी न‍िभायी है. वंदे भारत स्‍लीपर को जल्‍द ही पटर‍ियों पर दौड़ाया जाएगा.

कौन हैं सतीश कुमार?
सतीश कुमार 1986 में भारतीय रेलवे सेवा के मैकेनिकल इंजीनियर (IRSME) के बैच से प्रतिष्ठित अधिकारी हैं. उन्‍होंने अपने 38 साल के करियर के दौरान भारतीय रेलवे में अहम योगदान दिया है. बोर्ड ऑफ‍िस की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार 8 नवंबर 2022 को कुमार ने उत्‍तर मध्य रेलवे, प्रयागराज के महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण किया था. यह उनकी पब्‍ल‍िक सर्व‍िस के सफर में एक मील का पत्थर था.’

 

कुमार की पढ़ाई-लिखाई भी उतनी ही शानदार रही है, जितना उनका कर‍ियर. उन्होंने जयपुर के मशहूर मलवीय नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी (MNIT) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है. इसके बाद, उन्होंने इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यून‍िवर्स‍िटी से ऑपरेशन मैनेजमेंट और साइबर लॉ में पीजी डिप्लोमा क‍िया है.

 

 

SOURCE – ZEE NEWS

 


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