15जुलाई 2022 कासगंज सोरोंजी में श्रावण मास के पहले दिन बृहस्पतिवार से कांवड़ मेले की धूम शुरू हो गई। लहरा गंगाघाट पर मध्यप्रदेश और राजस्थान के शिव भक्त कांवड़ियां कांवड़ भरने पहुंचे। कांवडिय़ों ने गंगाघाटों पर गंगास्नान कर विधि विधान से पूजा अर्चना कर सतरंगी सामग्री से सजाई कांवड़ों को उठाया। केसरिया परिधान धारण कर कांवड़ियों की टोलियां अपने अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहीं थीं। लहरा गंगाघाट पर भी भोलेनाथ और गंगा की भक्ति का आलम दिखाई दे रहा था। हर हर गंगे के जयकारे गंगा घाटों पर गूंज रहे थे। वहीं सोरोंजी-कासगंज मार्ग पर एक के बाद एक कांवड़ियों की टोलियां निकलती नजर आ रहीं थीं।
तीर्थनगरी में बम बम भोले के जयकारों के गूंज सुनाई देती रही। कांवड़ियों की टोलियां लगातार अपने वाहनों से तीर्थनगरी में पहुंच रहीं थीं। जहां प्राचीन महादेव मंदिर सोमेश्वर पर माथा टेक कर श्रद्धालु कांवड़ यात्रा को शुरू कर रहे थे। बाजार में सजीं कांवड़ के सामान की दुकानों पर कांवड़ों की साज सज्जा के लिए कांवड़ियां खरीदारी करते नजर आए।
देवी देवताओं के चित्रों, घंटी, झालर, खिलौने लगाकर कांवड़ियां कांवड़ों को सजा रहे थे। कांवड़ों की साज सज्जा के दौरान शिव भक्त शिव महिमा का गायन भी कर रहे थे। गुना, दतिया, करौली, शिवपुरी, भरतपुर सहित तमाम इलाकों के कांवडिय़ों ने कांवड़ें भरीं और अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए
महेश ने बताया कि पहली बार कांवड़ भरने आए हैं। कांवड़ भरकर मन को काफी खुशी मिली है। साथियों के साथ यह यात्रा शिव भक्ति के साथ पूरी होगी। भगवान भोलेनाथ पार लगाएंगे।
कल्यान ने बताया कि मन में दृढ़ आस्था और श्रद्धा होनी चाहिए। बाकी कांवड़ यात्रा में भोले नाथ बाधा नहीं आने देते। पांच सौ किलोमीटर की दूरी का एहसास भी नहीं होता। विश्राम करते जाते हैं और गंतव्य तक पहुंच जाते हैं। वहीं मौसम सिंह ने बताया कि भगवान भोलेनाथ और गंगा मईया की कृपा रही कि हमें कांवड़ भरने का मौका मिला है। साथियों के सहारे कांवड़ भरने आए हैं। मन में पक्का विश्वास है बिना बाधा कांवड़ यात्रा पूरी होगी और भोलेनाथ की कृपा मिलेगी।
Source;-“अमर उजाला”
