12 अप्रैल2022 | बसपा प्रमुख मायावती राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पसंद नहीं करती थीं। वह उन्हें राष्ट्रपिता भी नहीं मानती थीं बल्कि वह उन्हें जातिवाद का जनक और दलित विरोधी कहती थीं। एक बार तो उन्होंने उन्हें नाटकबाज तक कह दिया। यह सब उन्होंने अपनी आत्मकथा में लिखा है। इसका जिक्र उनके ऊपर लिखी गई किताबों में मिलता है। आज राजनीति के किरदार और किस्से सीरीज में मायावती की महात्मा गांधी को लेकर सोच के बारे में बात करेंगे। खबर आगे पढ़ने से पहले आप पोल में शामिल होकर अपनी राय दे सकते हैं।
मायावती का माया में इंटरव्यू छपा तो हंगामा हो गया
बात 1994 के मार्च महीने की है। प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन की सरकार थी। मुलायम सिंह यादव सीएम थे। मायावती ने माया नाम की पत्रिका को इंटरव्यू दिया। इसमें महात्मा गांधी को लेकर कई विवादित बातें कही। विवाद इतना बढ़ा कि पूर्व पीएम चंद्रशेखर ने मायावती को अनपढ़ कह दिया। मायावती ने अपनी आत्मकथा ‘मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ में इस इंटरव्यू का जिक्र किया है।

गांधी के बारे में मायावती क्या कहती थीं उसे 4 प्वाइंट्स में जानिए।
1: दलितों के हितैषी नहीं विरोधी थे गांधी
मायावती से पूछा गया, आप लगातार गांधी के खिलाफ बोल रही हैं, आखिर इसके पीछे आपकी राजनीतिक मंशा क्या है? मायावती ने जवाब दिया, मैं लोगों को बताना चाहती हूं कि गांधी जी ने वर्ण व्यवस्था चलाई थी। आज दलितों की जो स्थिति है उसके जिम्मेदार वह हैं। गांधी दलितों के हितैषी नहीं बल्कि विरोधी हैं।
2: दलित हरि की औलाद तो बाकी क्या शैतान की औलाद
मायावती ने गांधी के दलितों के लिए इस्तेमाल किए गए हरिजन शब्द की आलोचना करते हुए कहा, अगर दलित ईश्वर की संतान हैं तो क्या बाकी सब शैतान की औलाद हैं? गांधी को इस शब्द से इतना ही लगाव था तो अपने आप को हरिजन क्यों नहीं कहा? अपने नाम से पहले हरिजन शब्द क्यों नहीं लगाया?
3: बाबा साहेब ने जब काम करना चाहा गांधी ने अड़ंगा डाल दिया
मायावती आगे कहती हैं कि बाबा साहेब अंबेडकर ने जब दलित वर्ग का भला करना चाहा तब महात्मा गांधी ने अड़ंगा डाला। बाबा साहेब ने दलितों के लिए अलग प्रतिनिधित्व का अधिकार मांगा तो गांधी जी भूख-हड़ताल पर बैठ गए। मजबूरन बाबा साहेब को पूना-पैक्ट मंजूर करना पड़ा। गांधी हमेशा झूठा प्रचार और दिखावा करते थे कि वह दलितों के हितैषी हैं। जबकि असली हितैषी बाबा साहेब हैं।

4: गांधी को महापुरुष मानती हैं या नहीं
मायावती की जिंदगी पर किताब लिखने वाले अजय बोस लिखते हैं, पत्रकार ने मायावती से सीधा सवाल पूछा कि क्या आप महात्मा गांधी को महान पुरुष मानती हैं या नहीं? मायावती पहले चुप रहीं। फिर उन्होंने कहा, “देखिए, अब इस लफड़े में मुझे मत फंसाइए मैं केवल बाबा साहेब को महान पुरुष मानती हूं। गांधी को मानना न मानना मेरे मतलब की बात नहीं है।”
5: सरकार ने पटेल के बजाय नेहरू को पीएम बनाया
मायावती ने इसी सवाल के जवाब में आगे जो कहा हैरान करने वाला था। उन्होंने कहा, “मैं तो साफ-साफ कहती हूं गांधी न केवल दलितों बल्कि पिछड़ों के भी विरोधी थे। बहुमत होने के बावजूद पिछड़ी जाति के सरदार पटेल को पीएम नहीं बनने दिया। अल्पमत वाले ब्राह्मण जवाहर लाल नेहरू को पीएम बना दिया।”
महात्मा गांधी पर टिप्पणी के बाद वह विपक्ष के निशाने पर आ गई। चंद्रशेखर से सीधे उलझ गई।
चंद्रशेखर ने मायावती को अनपढ़ कह दिया
यह इंटरव्यू जब पत्रिका में छपा तो गांधी को न मानने का मामला लखनऊ से दिल्ली पहुंच गया। विपक्ष के नेताओं ने मायावती से माफी मांगने की कहा। पूर्व पीएम चंद्रशेखर ने मीडिया के सामने मायावती को अनपढ़ राजनीतिज्ञ बता दिया। मायावती ने इसका जवाब बहुत ही गुस्से में दिया।
अजय बोस लिखते हैं, मायावती ने पूर्व पीएम चंद्रशेखर को लेकर कहा, “चंद्रशेखर की क्या हैसियत है मैं अच्छी तरह से जानती हूं। आज चंद्रशेखर केवल एक सांसद हैं। उन्हें खतरा है कि आने वाले समय में कहीं उनकी जमानत न जब्त हो जाए। इसलिए उन्होंने सोचा कि मायावती के मामले में शेयर डालने चाहिए।”

4: गांधी को महापुरुष मानती हैं या नहीं
मायावती की जिंदगी पर किताब लिखने वाले अजय बोस लिखते हैं, पत्रकार ने मायावती से सीधा सवाल पूछा कि क्या आप महात्मा गांधी को महान पुरुष मानती हैं या नहीं? मायावती पहले चुप रहीं। फिर उन्होंने कहा, “देखिए, अब इस लफड़े में मुझे मत फंसाइए मैं केवल बाबा साहेब को महान पुरुष मानती हूं। गांधी को मानना न मानना मेरे मतलब की बात नहीं है।”
5: सरकार ने पटेल के बजाय नेहरू को पीएम बनाया
मायावती ने इसी सवाल के जवाब में आगे जो कहा हैरान करने वाला था। उन्होंने कहा, “मैं तो साफ-साफ कहती हूं गांधी न केवल दलितों बल्कि पिछड़ों के भी विरोधी थे। बहुमत होने के बावजूद पिछड़ी जाति के सरदार पटेल को पीएम नहीं बनने दिया। अल्पमत वाले ब्राह्मण जवाहर लाल नेहरू को पीएम बना दिया।”
महात्मा गांधी पर टिप्पणी के बाद वह विपक्ष के निशाने पर आ गई। चंद्रशेखर से सीधे उलझ गई।
चंद्रशेखर ने मायावती को अनपढ़ कह दिया
यह इंटरव्यू जब पत्रिका में छपा तो गांधी को न मानने का मामला लखनऊ से दिल्ली पहुंच गया। विपक्ष के नेताओं ने मायावती से माफी मांगने की कहा। पूर्व पीएम चंद्रशेखर ने मीडिया के सामने मायावती को अनपढ़ राजनीतिज्ञ बता दिया। मायावती ने इसका जवाब बहुत ही गुस्से में दिया।
अजय बोस लिखते हैं, मायावती ने पूर्व पीएम चंद्रशेखर को लेकर कहा, “चंद्रशेखर की क्या हैसियत है मैं अच्छी तरह से जानती हूं। आज चंद्रशेखर केवल एक सांसद हैं। उन्हें खतरा है कि आने वाले समय में कहीं उनकी जमानत न जब्त हो जाए। इसलिए उन्होंने सोचा कि मायावती के मामले में शेयर डालने चाहिए।”
मायावती चार बार मुख्यमंत्री रहीं। लेकिन महात्मा गांधी को लेकर कभी पॉजिटिव बात नहीं कही। सोशल मीडिया के जरिए न कभी श्रद्धांजलि दी। मायावती ने महात्मा गांधी की जब भी चर्चा की, भाषा को तल्ख रखा। मायावती के ऊपर लिखी गई किताबों में भी यह नजर आता है।
Source;- ‘’दैनिकभास्कर’’
