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दरक रहे पिघल रहे पहाड़ : उत्तराखंड में ऊं के बाद अब डरा रही वरुणावत पर्वत की ‘बीमारी’

ByPrompt Times

Aug 28, 2024
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उत्तरकाशी जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के बाद रात करीब पौने दो बजे वरुणावत की तलहटी गोफियारा जल संस्थान कालोनी व स्टोर के निकट के पहाड़ी से भूस्खलन होने से काफी मात्रा में पत्थर व मलबा गिरा है.

 

ऊं पर्वत के बाद उत्तरकाशी में मंगलवार रात हुई भारी बारिश के कारण वहां स्थित वरुणावत पर्वत से अचानक भूस्खलन होने की वजह से आवासीय क्षेत्र के आसपास बोल्डर और मलबा गिर गया, जिससे निचले क्षेत्रों में देर रात अफरातफरी मच गई. बता दें कि इस पर्वत पर 2003 के बाद से कभी कोई भूस्खलन नहीं हुआ है. 2003 में वरुणावत पर्वत से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण भारी नुकसान हुआ था और काफी वक्त तक वह भूस्खलन सक्रिय रहा था और इसे सही करने में भी लंबा वक्त लगा था.

उस वक्त तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने करीब 250 करोड़ से अधिक का बजट सुरक्षा कार्यों के लिए दिया था. उस समय एक बड़ी आबादी को खतरे वाली जगह से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया था लेकिन फिर से एक बार वरुणावत पर्वत से बोल्डर गिरने के बाद लोग डरे हुए हैं. दरअसल, उत्तरकाशी के असी और वरुणा नदियों के बीच वरुणावत पर्वत की तलहटी में बसा हुआ है. वरुणावत पर्वत पंचकोसी वारुणी यात्रा के साथ इस पर स्थित पौराणिक मंदिरों के लिए तो प्रसिद्ध है ही यह वर्ष 2003 के विनाशकारी भूस्खलन के लिए याद किया जाता है.

 

वहीं उत्तरकाशी जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा के बाद रात करीब पौने दो बजे वरुणावत की तलहटी गोफियारा जल संस्थान कालोनी व स्टोर के निकट के पहाड़ी से भूस्खलन होने से काफी मात्रा में पत्थर व मलबा गिरा है. जिससे इलाके में हड़कंप मच गाय. गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग और गोफियारा कालोनी में सड़कों पर खड़े कई वाहन मलबे में दब गए हैं.

 

एसडीआएफ व प्रशासन की टीम गोफियारा क्षेत्र में मौजूद

 

वाहन स्थानीय लोगों के बताए जा रहे हैं. फिलहाल जनहानि की सूचना नहीं है. भटवाड़ी रोड और गोफियारा जलसंस्थान कालोनी के निकट रहने वाले एक दर्जन से अधिक परिवारों को काली कमली धर्मशाला में शिफ्ट किया गया है. जिलाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट एवं अन्य अधिकारी, जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र से स्थिति पर नजर रख रहे हैं. जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की. साथ ही किसी भी संभावित स्थिति से निपटने की रणनीति पर विचार विमर्श किया गया.

उन्होंने बताया कि अभी तक कहीं से जन हानि की सूचना नहीं है. नगर क्षेत्र में गोफियारा नाले के निकट तथा अन्य जगहों पर सड़कों पर जमा मलबे को हटाया जा रहा है. रात तीन बजे जिलाधिकारी बिष्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला मुख्यालय क्षेत्र के गोफ़ियारा में अत्यधिक वर्षा होने के कारण भूस्खलन हुआ है. प्रभावित क्षेत्र से कुछ लोगों को धर्मशाला में शिफ्ट किया गया है. सड़क किनारे खड़े कुछ वाहन में दब गए हैं, मलबा हटाने का कार्य निरंतर जारी है. स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

 

 

SOURCE –  NDTV

 

 

 

 


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