अक्टूबर 26 2023 ! उत्तराखंड के किसानों और आम लोगों का 48 साल का इंतजार खत्म होने जा रहा है. अब केंद्र सरकार ने जमरानी बांध परियोजना को मंजूरी दी है. इसके तहत अब उत्तराखंड समेत उत्तरप्रदेश के भी कुछ जिलों को सिंचाई, बिजली और पेयजल मिलेगा. इस परियोजना में 2584 करोड़ का खर्च आएगा. बता दें कि इस परियोजना को इंदिरा गांधी के कार्यकाल में कागजों पर उतारा गया था.
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (पीएमकेएसवाई) के तहत उत्तराखंड के हलद्वानी में स्थित जमरानी बांध परियोजना को शामिल करने की मंजूरी दी है. इससे उधमसिंह नगर, नैनीताल और उत्तरप्रदेश के बरेली रामपुर जैसे जिलों की 57 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा. इसके अलावा हलद्वानी के आस-पास के क्षेत्रों को 42.70 मिलियन क्यूबिक मीटर पीने का पानी मिलेगा.
48 साल बाद मिली मंजूरी
जमरानी बांध परियोजना 48 साल पहले मंजूर की गई थी, लेकिन इसके लिए बजट पास नहीं हो पा रहा था. अब केंद्रीय केबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है. अब अगले पांच साल बाद उत्तराखंड समेत उत्तरप्रदेश के कुछ जिलों को पानी मिलेगा. गौरतलब है कि हलद्वानी में पेयजल और सिंचाई के पानी की मांग को देखते हुए 60 के दशक में बांध के निर्माण की मांग शुरु हुई थी. इसके बाद 1975 में जमरानी बांध परियोजना को सरकार ने मंजूरी दी थी. इसका शिलान्यास साल 1976 में स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री केसी पंत ने किया था.
देरी की वजह से बढ़ी लागत
यह परियोजना बीते 48 सालों से अटकी हुई थी. उस समय इस परियोजना में 61.25 करोड़ रुपए की लागत लगने वाली थी, लेकिन समय गुजरने के साथ अब बांध में 2584.10 करोड़ की लागत लगेगी. अब केंद्रीय मंत्रीमंडल ने बांध के लिए प्रधानमंत्री केंद्रीय कृषि सिंचाई परियोजना से बजट को मंजूरी दी है. इस परियोजना से 14 मेगावाट बिजली उत्पन्न की जाएगी. साथ ही 42.70 मिलियन क्यूबिक मीटर पीने का पानी मिलेगा.
सोर्स :-“न्यूज़ 18 हिंदी|”
