• June 7, 2026 9:03 am

नई राहें, नई उम्मीद: कृत्रिम अंगों से संवरी मनीराम की जिंदगी

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बालोद । अगर हौसला बुलंद हो और शासन का साथ मिल जाए, तो हर बाधा पार की जा सकती है। कुछ ऐसी ही कहानी है बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम छेड़िया के निवासी मनीराम की। एक दर्दनाक दुर्घटना में अपना पैर गंवा देने वाले मनीराम के जीवन में आए अंधेरे को अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की श्दिव्यांग हितैषी योजनाश् ने नई रोशनी से भर दिया है।

एक समय था जब मनीराम सामान्य जीवन जी रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। एक सड़क दुर्घटना में अपना पैर गंवाने के बाद उनका जीवन बिस्तर तक ही सिमट कर रह गया था। चलने-फिरने में लाचारी के कारण उन्हें काम मिलना बंद हो गया, जिससे न केवल आर्थिक संकट गहराया, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्होंने अपनी उम्मीदें छोड़ दी थीं। घर की चारदीवारी ही उनकी दुनिया बन गई थी।

मनीराम की इस बेबसी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की दिव्यांग हितैषी नीति और जिला प्रशासन बालोद के प्रयासों ने संजीवनी का काम किया। समाज कल्याण विभाग के माध्यम से मनीराम को निःशुल्क कृत्रिम पैर प्रदान किया गया।

कृत्रिम पैर लगने के बाद मनीराम के चेहरे पर जो चमक लौटी है, वह शब्दों से परे है। अब वे बिना किसी सहारे के आसानी से चल-फिर पा रहे हैं। मनीराम का कहना है कि पैर कटने के बाद मुझे लगा था कि अब मेरा जीवन दूसरों पर बोझ बनकर ही बीतेगा, लेकिन मुख्यमंत्री जी की इस योजना ने मुझे फिर से खड़ा कर दिया है। अब मैं कहीं भी आ-जा सकता हूँ और काम भी कर सकता हूँ। मनीराम ने इस नई जिंदगी के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।


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