10 नवंबर 2022 | कटारा हिल्स काे सीधे चूना भट्टी (कोलार रोड) से जोड़ने के लिए 12 किमी लंबी सड़क बनाई जा रही है। 50 करोड़ की लागत से बन रही इस सड़क का कटारा से होशंगाबाद रोड तक का करीब 5.5 किमी हिस्सा 80 फीसदी बन गया है। लोगाें ने इसका इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है, लेकिन परेशानी यह है कि यह सड़क होशंगाबाद (नर्मदापुरम) रोड पर जाकर खत्म हो जाती है।
इसके बाद लोगों को चूना भट्टी जाने के लिए लेफ्ट टर्न लेकर दानिश नगर चौराहे से घूमकर करीब 1.4 किमी लंबा चक्कर लगाकर ब्रिज तक जाना पड़ रहा है। या फिर राइट टर्न लेकर करीब 750 मीटर चक्कर लगाकर बाग सेवनिया थाना होते हुए विद्या नगर की सर्विस रोड से ब्रिज तक पहुंचना पड़ रहा है। जबकि विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर्स का कहना है कि प्लानिंग ही गलत है। इसका रिव्यू करने की जरूरत है, वरना ब्रिज बनते जाएंगे और लोगों को लाभ नहीं मिलेगा।
दिक्कत इसलिए… मास्टर प्लान को दरकिनार कर बनाया बावड़िया ब्रिज
बावड़िया कला रेलवे क्रॉसिंग पर जो ब्रिज पीडब्ल्यूडी ने बनाया है, वह असल में इस जगह से एक किमी आगे 200 फीट रोड पर प्रस्तावित था। मास्टर प्लान 2005 के अनुसार यह 200 फीट रोड भी बायपास से होते हुए कटारा और फिर यहां से सीधे कोलार तक बननी थी। आशिमा मॉल के पास मुख्य चौराहा प्रस्तावित है। जबकि बाग सेवनिया थाने के पास वन वे होना था। लेकिन मास्टर प्लान को दरकिनार करके बावड़िया कला पर ब्रिज बनाया गया और जगह की कमी के कारण वह सीधे सड़क तक नहीं उतर पाया।
योजना के अनुसार ही बनी है
कटारा से चूना भट्टी वाले रोड की योजना क्या है?
-इसका एंड होशंगाबाद रोड तक ही है।
ब्रिज तक पहुंचने के लिए क्या कॉरिडोर खोलेंगे?
-नहीं। इसके बाद ब्रिज तक पहुंचने के लिए घूमकर आना होगा।
लेकिन ये कैसी सीधी रोड है?
-रोड योजना के अनुसार ही बन रही है।
पूरी सड़क की प्लानिंग गलत
पूरी सड़क की प्लानिंग ही गलत है। होशंगाबाद रोड पर इसका एंड है। इसके बाद व्यक्ति घूमकर क्यों जाएगा। आप आम आदमी के लिए रास्ता दीजिए कि वह सीधे चूना भट्टी पहुंच सके। ऐसे ही इन्होंने शहर के दूसरे ब्रिजेस में भी गलत प्लानिंग कर दी है।
वीके अमर, रिटायर्ड सीई, लोक निर्माण विभाग
सोर्स :- “दैनिक भास्कर”
