1 दिसंबर 2023 ! चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) ने बृहस्पतिवार को दिल्ली के मुख्य सचिव की तैनाती को लेकर दाखिल याचिका को बोझिल करार दिया और कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, न्यायालय राजनीतिक विवाद का अखाड़ा बन जाता है. इस तरह के गैर जरूरी मामलों की संख्या बढ़ने लगती है.
सीजेआई चंद्रचूड़ (CJI Chandrachud) ने कहा कि सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ही नहीं, हाई कोर्ट से लेकर सेशन कोर्ट तक इस तरह के गैर जरूरी मुकदमों से जूझते हैं. कई कोर्ट में तो ऐसे मामलों की भरमार है. जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, इस तरह के मामले बढ़ने लगते हैं. बतौर जज हमें भी इसका एहसास है. चुनाव खत्म होते ही मामला ठंडा पड़ जाता है.
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हमारे समाज में अंतर्निहित भेदभाव को दूर करने के लिए, हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि लोगों को अलग-अलग पहचान में न बांधा जाए. सीजेआई ने भारत में दिव्यांग व्यक्तियों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर भी प्रकाश डाला. सीजेआई ने कहा कि दिव्यांग लोगों को पात्रता के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त करने को मजबूर किया जाता है. इससे राज्य द्वारा मानक तैयार करने में समस्या पैदा हो गई है. सीजेआई ने आगे कहा, केवल सिस्टम की बाधाओं को दूर करने से ही तमाम मुश्किलें हल हो सकती हैं
सोर्स :-“न्यूज़ 18 हिंदी|”
