14 फ़रवरी 2023 | सर्वार्थसिद्धि योग और प्रदोष व्रत के संयोग में 18 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। ऐतिहासिक मंदिरों में जलाभिषेक, करने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। मंदिरों में तैयारी जोरशोर से की जा रही है। अनेक मंदिरों में भोलेनाथ की बरात निकाली जाएगी। बरात से पहले हल्दी, मेहंदी लगाने की रस्म भी निभाई जाएगी। शाम को शिवलिंग का विविध रूपों में श्रृंगार किया जाएगा।
बरात में भूत-प्रेत का रूप धारण करेंगे श्रद्धालु
शाम को शिव मंदिरों से बरात निकाली जाएगी। बरात में श्रद्धालु भूत, प्रेत, देवी-देवताओं का रूप धारण कर बराती के रूप में शामिल होंगे।
महादेवघाट
महादेव घाट स्थित हटकेश्वर महादेव मंदिर में 18 फरवरी को सुबह 4 बजे महाआरती होगी। सुबह से शाम तक जलाभिषेक किया जाएगा। शाम को बरात निकाली जाएगी और रात्रि में निशीथ काल में विशेष पूजा की जाएगी।
नीलकंठेश्वर महादेव
टिकरापारा स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से 18 फरवरी को भोलेनाथ की बारात निकाली जाएगी। बरात में कलाकार विविध रूप धारण करेंगे। गाजे-बाजे और झांकियों के साथ बरात आसपास के इलाकों का भ्रमण कर वापस मंदिर पहुंचेगी। ठंडाई का वितरण किया जाएगा।
सुरेश्वर महादेव पीठ
कचना स्थित सुरेश्वर महादेव पीठ के संस्थापक स्वामी राजेश्वरानंद ने बताया कि सुबह 5 बजे महाभिषेक, 6.30 बजे हवन, 7.30 बजे महाआरती और दोपहर 12 बजे महाभंडारा होगा।
नहरपारा
नहरपारा स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के प्रमुख नीलकंठ त्रिपाठी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व 15 से 19 फरवरी तक मनाया जाएगा। 15 फरवरी को दोपहर 12 बजे रुद्राभिषेक होगा। शाम को सांस्कृतिक नृत्य प्रतियोगिता और झांकी की प्रस्तुति होगी। वृंदावन के कलाकार शामिल होंगे। 16 और 17 फरवरी को हल्दी, मेहंदी की रस्म निभाई जाएगी। 18 फरवरी को बरात निकलेगी। रात्रि में विशेष पूजन और अंतिम दिन 19 फरवरी को महाभंडारा का आयोजन किया जाएगा।
सोर्स :-“नईदुनिया”
