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फिलीपिंस के वैज्ञानिकों के साथ होगा चावल के नए किस्म का रिसर्च, किसानों की आय बढ़ाना लक्ष्य

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11 फ़रवरी 2023 | छत्तीसगढ़ के शोधार्थियों और वैज्ञानिकों के लिए बड़ी खबर आई है. राज्य में शोध कार्य कर रहे शोधार्थी और वैज्ञानिकों को अब फिलिपींस के मनीला इंटरनेशनल राइस रिसर्च सेंटर में शोध करने की सुविधा मिलेगी. इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार का इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और मनीला के अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान में समझौता हुआ है. इससे राज्य के लाखों किसानों के लिए खेती किसानी में नई तकनीक और विज्ञान का बड़ा सहारा मिलेगा. इस समझौते से फसलों की नई किस्म और बेहतर उत्पादन के लिए काम किया जाएगा.

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और इंटरनेशनल रिसर्च सेंटर से समझौता

दरअसल हाल ही में छत्तीसगढ़ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने फिलिपींस के मनीला स्थित अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केन्द्र गए थे. डॉ. कमलप्रीत ने अनुसंधान संस्थान में विकसित किए जा रहे धान की नई किस्मों और हो रहे अनुसंधान के बारे में वहां के वैज्ञानिकों से चर्चा की और आधुनिक तकनीकों की जानकारी ली. इसके बाद छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े कृषि यूनिवर्सिटी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान मनीला के बीच एक लेटर ऑफ इंटेन्ट पर समझौता हुआ है.

एक लाख 30 हजार से अधिक किस्मों के धान बीज का है कलेक्शन

आपको बता दें कि मनीला गए छत्तीसगढ़ की टीम ने अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान में विश्व के सबसे बड़े धान जर्मप्लाज्म संग्रह में 100 साल से अधिक समय के लिए संग्रहित धान की एक लाख 30 हजार से अधिक किस्मों का भी अवलोकन किया. कृषि उत्पाद आयुक्त ने इस तकनीक को कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अपनाकर छत्तीसगढ़ में धान की नए किस्मों के विकास में तेजी लाने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने पर काम करने के लिए ये समझौता किया है.

किसानों की आय बढ़ाने के लिए बड़ा कदम

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की तरफ से बताया गया है कि कृषि उत्पाद आयुक्त की अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में इस बात पर सहमति दी गई है कि छत्तीसगढ़ में धान की नए प्रजातियों के विकास के लिए धान अनुसंधान की नए तकनीकों के उपयोग के लिए अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर कार्य करेगा. इस पहल से छत्तीसगढ़ के किसानों ज्यादा उत्पादन वाले नई किस्म के धान बीज मिल जाएंगे. इससे किसानों की आय बढ़ेगी.

सोर्स :-“ABP न्यूज़                                             


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