09 अप्रैल 2022 | रायपुर की पुलिस ने MP के देवास से 4 लड़कांे को पकड़ा है। इनका गैंग लोगों को शेयर मार्केट में पैसा इन्वेस्ट करवाने के नाम पर ठगता था। बाकायदा इस गैंग ने अपना एक ऑफिस खोल रखा था। फर्जी फाइनेंशियल कसंल्टेंट बनकर, लोगांे को लाखों का चूना लगा चुके हैं। इन बदमाशों ने रायपुर के एक कपल से 6 लाख 85 लार रुपए लेकर उन्हें ठग लिया। इस जोड़े की शिकायत के बाद अब पुलिस इन शातिरों को MP के देवास से पकड़कर लाई है। ये शातिर वहीं से पूरे देश में ठगी का रैकेट ऑपरेट कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक गंज इलाके में रहने वाली एक महिला ने थाने आकर शिकायत दर्ज करवाई थी। महिला ने बताय था कि उसके पति पति कन्स्ट्रक्शन का काम करते हैं। साल 2020 में कोविड संक्रमण के दौरान पति का काम ठप पड़ गया। नवम्बर 2021 में महिला के पति के पास कॉल आया। नंबर था 9893600238। फोन करने वाले ने अपना परिचय भोपाल निवासी गौतम शाह के तौर पर दिया। इसने कहा कि शेयर मार्केट के बी.एस.ई. में पैसे इन्वेस्ट करने से 25 दिनों में रकम डबल हो जाएगी। पहले ही आर्थिक तंगी से परेशान परिवार बातों में आ गया।
इसके बाद कपल ने गौतम शाह के बताए खातों में अलग-अलग किश्तों में 5 लाख रुपए दिए। फिर ठग ने एक वेबसाइट का लिंक भेजा। इसमें कपल की तरफ से इन्वेस्ट किए गए 5 लाख रुपए का प्रॉफिट 9,22,350 रूपये दिखाया गया। इसी दौरान गौतम शाह ने फोन कर पुनः प्रॉफिट का लालच दिया और दोनों से 1,85,000 रूपये जीएसटी अन्य टैक्स देने की बात कहने लगा। ये रुपए भी कपल ने दे दिए। बाद मंे टैक्स के नाम पर गौतम ने और रुपए मांगे तो कपल को शक हुआ। हाल ही में इस मामले की शिकायत उन्होंने थाने में की अब पुलिस ने इस ठगी को अंजाम देने वाले गैंग को पकड़ा है।
फिर ऐसे आए पकड़ में
पुलिस की टीम ने कपल से खाते की जानकारी और फोन नंबर लिए जिनसे ठग बात कर रहे थे। इन सभी का एनालिसिस करने पर पुलिस को पता चला कि MP के देवास शहर में बैठकर ठगी का ये खेल खेला गया। रायपुर पुलिस की टीम 3 दिनों तक देवास में रही। वहां आरोपियों का पता लगा लिया गया। सबसे पहलने आदित्य पटेल उर्फ अंशुल जैन एवं अमित पटेल को पकड़ा गया। ये दोनों चचेरे भाई हैं। पूछताछ में इन्होंने बताया कि इन दोनों ने अपने अन्य साथी शुभम तिवारी उर्फ गौतम शाह और राहुल मारू के साथ मिलकर ये कांड किया।
ग्रैजुएशन के बाद किया ठगी पर रिसर्च
इनका साथी शुभम तिवारी ही रायपुर के कपल से गाैतम शाह बनकर बात किया करता था। पुलिस ने शुभम और राहुल को भी देवास से ही पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले आदित्य पटेल ने महिला के पति से फोनपर अंशुल जैन बनकर बात की थी। फिर गैंग को इन्हें ठगने का काम सौंपा। शुभम तिवारी ने झूठा नाम गौतम शाह बताकर झांसे में लिया। जिस खाते में रकम डलवाई गई वो इनके साथी राहुल का खाता था। ये चारों ग्रैजुएट हैं। शेयर मार्केट में डील कैसे होती है, कैसे लोगांे को प्रॉफिट होता है इसपर एक साल तक रिसर्च की इसके बाद छोटे स्तर पर लोगों को ठगना शुरू किया। ठगी की रकम से देवास में बाकायदा ऑफिस लेकर वहीं बैठने लगे और ठगी का गिरोह चलाने लगे।
ये लोगों को शेयर मार्केट में इवेस्टमेंट का लालच देकर फर्जी वेबसाइट पर उन लोगांे का प्रॉफिट डिजिटली दिखाते थे। इस फेक साइट को देख लोग यकीन कर लेते थे और ये ठग इसी बात का फायदा उठाते थे। इनके पास से पुलिस को 11 मोबाईल फोन, विभिन्न कंपनियों के 6 सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों के 10 एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और पेन कार्ड मिले हैं। इस बात के सबूत भी मिले हैं इन ठगों के गैंग ने राजस्थान, पुणे, मुम्बई, कनार्टक सहित देश के अन्य कई राज्यों में लोगों को शेयर मार्केट में पैसा लगाकर डबल करने का झांसा देकर दूसरे लोगों से लाखों की ठगी की है।
Source :-“दैनिक भास्कर”
