17 नवंबर 2022 | आईआईटी दिल्ली के छात्रों की तरफ से लगातार कई इनोवेशन पर काम करते हुए बीते कुछ सालों में कई स्टार्टअप्स की स्थापना की है। कोरोना के समय में संस्थान के प्रोफेसरों व छात्रों ने मिलकर किफायती मास्क विकसित करते हुए उसे बाजार में उतारा था। वहीं, संस्थान की तरफ से अब छात्रों में इनोवेशन और एंटरप्रन्योरशिप के कल्तर को बढ़ावा देने के लिए उन्हें प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर संस्थान द्वारा छात्रों के चार स्टार्टअप्स को 50 लाख रुपए की ग्रांट दी गई है।
आईआईटी दिल्ली के छात्र अंकुर यादव और नवीन जायसवाल ने सर्कल स्टार्टअप को स्थापित किया है। यह कई संस्थानों के लिए एक वित्तीय कल्याणकारी प्रोडक्ट है। जिसके माध्यम से संस्थान अपने कर्मचारियों को वेतन व कम लागत वाली रिटायरमेंट प्रदान कर सकते हैं। वहीं, बैग ईट को आईआईटी दिल्ली के छात्र मधुकर और दीपांशु वर्मा ने स्थापित किया है। यह होलसेलर के लिए एक ऑन डिमांड प्लेटफॉर्म है। जिससे जरिए ज्वेलरी की सप्लाई चैन को डिजिटल रूप में ढाल सकते हैं। जिससे रिटेलर को इसका लाभ होगा।
आईआईटी दिल्ली के छात्र अंकुर यादव और नवीन जायसवाल ने सर्कल स्टार्टअप को स्थापित किया है। यह कई संस्थानों के लिए एक वित्तीय कल्याणकारी प्रोडक्ट है। जिसके माध्यम से संस्थान अपने कर्मचारियों को वेतन व कम लागत वाली रिटायरमेंट प्रदान कर सकते हैं। वहीं, बैग ईट को आईआईटी दिल्ली के छात्र मधुकर और दीपांशु वर्मा ने स्थापित किया है। यह होलसेलर के लिए एक ऑन डिमांड प्लेटफॉर्म है। जिससे जरिए ज्वेलरी की सप्लाई चैन को डिजिटल रूप में ढाल सकते हैं। जिससे रिटेलर को इसका लाभ होगा।
ग्रीन मेंस्ट्रुएशन को बढ़ावा देने वाला स्टार्टअप को किया स्थापित
वहीं, ओनपेरी (केयर फॉर्म लैब्स प्राइवेट लिमिटेड) स्टार्टअप को आईआईटी दिल्ली के छात्र प्रमोद प्रिया रंजन और नचिकेत ठाकुर ने स्थापित किया है। ओनपेरी, एक मासिक धर्म स्वास्थ्य स्टार्टअप है। इसका उद्देश्य हरित माहवारी को जनता के अनुकूल और सुलभ बनाना है। मौजूदा समय में विभिन्न निजी संस्थाओं की तरफ से ग्रीन मेंस्ट्रुएशन को बढ़ावा देते हुए ऐसे ग्रीन पैड विकसित किए जा रहे हैं। जो कुछ ही महीनों में अपने आप ही गल जाएं। पर्यावरण के तहत इस तरह के प्रोडक्ट काफी लाभदायक हैं।
दिव्यांगों के लिए स्थापित किया स्टार्टअप
आई-स्टेम स्टार्टअप को आईआईटी दिल्ली के छात्र आकाशदीप, कार्तिक साहनी, शकुल राज सोनकर और सुनील चौधरी ने विकसित किया है। इस स्टार्टअप के जरिए विश्वविद्यालय और कंपनियां अपने सभी दस्तावेजों को डिजिटल माध्यम से दिव्यांगों के लिए ढाल सकेंगे। इस स्टार्टअप के जरिए दिव्यांग विश्वविद्यालयों और कंपनियों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे डॉक्युमेंट्स, वेबसाइट और मोबाइल एप का उपयोग कर सकेंगे। यह स्टार्टअप, दिव्यांगों को डिजिटल कॉन्टेंट का इस्तेमाल करने के लिए समाधान पेश करेगा।
आई-स्टेम स्टार्टअप को आईआईटी दिल्ली के छात्र आकाशदीप, कार्तिक साहनी, शकुल राज सोनकर और सुनील चौधरी ने विकसित किया है। इस स्टार्टअप के जरिए विश्वविद्यालय और कंपनियां अपने सभी दस्तावेजों को डिजिटल माध्यम से दिव्यांगों के लिए ढाल सकेंगे। इस स्टार्टअप के जरिए दिव्यांग विश्वविद्यालयों और कंपनियों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे डॉक्युमेंट्स, वेबसाइट और मोबाइल एप का उपयोग कर सकेंगे। यह स्टार्टअप, दिव्यांगों को डिजिटल कॉन्टेंट का इस्तेमाल करने के लिए समाधान पेश करेगा।
एंटरप्रन्योरशिप को दिया जा रहा है बढ़ावा
इस अवसर पर आईआईटी दिल्ली एंडोमेंट मैनेजमेंट फाउंडेशन के सीईओ अनुराग रस्तोगी ने कहा कि इस ग्रांट के जरिए आईआईटी दिल्ली की छात्रों की टीमों को जोखिम लेने और इनोवेटिव आइडिया, प्रोडक्ट और बिजनेस मॉडल को तैयार करने में सहोग मिलेगा। इससे उन्हें अन्य छात्रों के समक्ष इनोवेशन और एंटरप्रन्योरशिप के कल्चर को फैलाने में बढ़ावा मिलेगा।
सोर्स :- ” पत्रिका”
