• June 7, 2026 10:38 pm

मुख्यमंत्री ने किसान महतारी सम्मेलन स्थल से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने विगत दिवस ग्राम नारायणपुर में आयोजित किसान महतारी सम्मेलन के दौरान बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत तैयार जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम स्थल से रवाना किए गए इस रथ के माध्यम से 100 दिनों तक जिले में जनजागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के मार्ग में गंभीर बाधा है।

उन्होंने कहा कि यह जागरूकता रथ गांव-गांव जाकर समाज को प्रेरित करेगा और बाल विवाह उन्मूलन के लिए आवश्यक जनभागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने अभियान की सफलता के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए सभी वर्गों से सहयोग की अपील की। यह अभियान जिला प्रशासन के साथ समर्पित संस्था के जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से संचालित एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन प्रोजेक्ट के अंतर्गत जिले में चलाया जा रहा है। इस दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी, नगर पालिका जशपुर अध्यक्ष अरविंद भगत, वरिष्ठ नागरिक प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, कृष्णा राय, जनप्रतिनिधियों सहित, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग अजय शर्मा एवं समर्पित संस्था के डॉ संदीप शर्मा, अंजलि ताम्रकार, मनीष छाबड़ा, बबीता ताम्रकार, रानी नायक मौजूद रहे।
100 दिनों तक चलेगा व्यापक जनजागरूकता :
यह अभियान जिला प्रशासन तथा समर्पित संस्था (गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर छ.ग.), जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। समर्पित संस्था के प्रतिनिधि और स्वयंसेवक जिलेभर में जन जागरूकता गतिविधियों के संचालन में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। रथ पर बाल विवाह मुक्त भारत से संबंधित संदेश, नारे और जागरूकता सामग्री प्रदर्शित की गई है। ‘आओ मिलकर बढ़ाएँ कदम, बाल विवाह मिलकर करें ख़त्म’ जैसे प्रेरक संदेश इसका मुख्य आकर्षण हैं। रथ अगले 100 दिनों में सभी विकासखंडों, ग्राम पंचायतों, विद्यालयों और समुदायों में पहुँचकर जनसंवाद, नाटक, परामर्श सत्र एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता फैलाएगा।
समुदाय सहभागिता से होगा बाल विवाह का उन्मूलन :
रथ ग्रामीणों, अभिभावकों और किशोर-किशोरियों को बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान और सुरक्षित भविष्य के महत्व की जानकारी देगा। स्थानीय पंचायतों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और युवाओं की सहभागिता से अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।


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