• June 8, 2026 8:45 am

हाईकोर्ट ने दी चेतावानी, निर्णय लागू नहीं किया तो दोषी अधिकारियों की संपत्ति व वेतन होगा कुर्क

Share More

 16 नवंबर 2022 |  प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने निर्णय को लागू न करने की सूरत में दोषी अधिकारियों की संपत्ति व वेतन को कुर्क करने की चेतावनी दी है। कोर्ट ने अपने आदेशों की अनुपालना करने के लिए प्रतिवादियों को 4 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि इस अवधि में अदालत के निर्णय को लागू नहीं किया गया तो उस स्थिति में याचिकाकर्ता अदालत के समक्ष आवेदन दायर कर उनकी संपत्ति का ब्यौरा दायर करें ताकि दोषी अधिकारियों की संपत्ति व वेतन को कुर्क किया जा सके। अदालत ने वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नति का लाभ देने के साथ-साथ वित्तीय लाभ अदा करने के आदेश दिए हैं।

न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने ये आदेश पारित किए। मामले के अनुसार वर्ष 2008 में याचिकाकर्ता राम प्रकाश और अन्य 20 कनिष्ठ सहायकों ने वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नत करने की गुहार लगाई थी। अदालत ने यह स्पष्ट किया था कि पुराने पदों पर पुराने भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के आधार पर पदोन्नति की जाए। उसके बाद याचिकाकर्ताओं ने सचिवालय प्रशासन के समक्ष प्रतिवेदन के माध्यम से उन्हें पदोन्नत करने की मांग की गई। दलील दी गई कि उनसे कनिष्ठ को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। प्रशासन ने वर्ष 2010 में उनके प्रतिवेदन को खारिज कर दिया था। याचिकाकर्ताओं ने इस निर्णय को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी।

हाईकोर्ट की एकल पीठ ने वर्ष 2012 में उन्हें वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नत किए जाने का निर्णय सुनाया। एकल पीठ के इस निर्णय को सरकार की ओर से खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी गई। सरकार की अपील को खंडपीठ ने वर्ष 2014 में खारिज कर दिया था। उसके बाद भी याचिकाकर्ताओं को पदोन्नति का लाभ नहीं दिया गया। मजबूरन उन्हें अदालत के निर्णय को लागू करने के लिए याचिका दायर करनी पड़ी। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए स्पष्ट तौर पर अपने आदेशों में कहा कि सचिवालय प्रशासन ने जानबूझकर अदालत के निर्णय को लागू नहीं किया है।

सोर्स :-” पंजाब केसरी”                     


Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *