1 दिसंबर 2023 ! पांचों राज्यों में चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच ओबीसी वर्ग का मुद्दा उठा था. इस मुद्दे को उठाया था राहुल गांधी ने. सदन में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान उन्होंने दावा किया था कि भारत सरकार के 90 सचिवों में से मात्र 3 अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC से हैं. आरक्षण में ओबीसी महिलाओं को अलग आरक्षण मिलना चाहिए. छत्तीसगढ़ से लेकर राजस्थान तक, हर रैली और मंच पर राहुल गांधी ने इसे मुद्दा बनाया और PM मोदी को घेरा.
राहुल गांधी ने खुलकर ओबीसी वर्ग की पैरवी लेकिन राजस्थान में जहां कांग्रेस की सरकार वहां ओबीसी मतदाताओं ने भाजपा पर अधिक भरोसा जताया है. Polstrat एग्जिट पोल का कहता है, राजस्थान में मात्र 36 फीसदी ओबीसी वोटर्स ने कांग्रेस के लिए मतदान किया. यहां भाजपा को बड़ा फायदा मिला है. 46 फीसदी ओबीसी वोटर्स ने भाजपा के लिए मतदान किया. वहीं, 18 फीसदी ओबीसी वोटर्स ने अन्य दलों के लिए मतदान किया. यानी साफ है कि राजस्थान में ओबीसी वोटर भाजपा के साथ है.
कांग्रेस की सरकार वाले राज्य छत्तीसगढ़ में भी ओबीसी वोटर्स ने कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया है. यहां भी दोनों पार्टियों के बीच 5 फीसदी का अंतर है. छत्तीसगढ़ में 43 फीसदी ओबीसी वोटर्स ने कांग्रेस के लिए मतदान किया. वहीं, 5 फीसदी बढ़त के साथ भाजपा के लिए 48 फीसदी ओबीसी वोटर्स ने मतदान किया. 9 फीसदी वोटर्स ने अन्य पार्टियों के लिए वोटिंग की.
Polstrat का एग्जिट पोल कहता है कि ओबीसी वोटर्स के मतदान की तुलना करें तो मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर रही है. यहां 45 फीसदी ओबीसी वोटर्स ने कांग्रेस के लिए मतदान किया. 44 फीसदी ओबीसी वोटर्स ने भाजपा और 9 फीसदी ने अन्य दलों के लिए मतदान किया.
इस तरह एग्जिट पोल में तीनों ही बड़े राज्यों में से राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा ओबीसी वोटर्स भाजपा के साथ हैं. कांग्रेस दूसरे पायदान पर रही. अलग-अलग मौकों पर राहुल गांधी ने ओबीसी वर्ग को लेकर कई बार पैरवी की, लेकिन दोनों राज्यों में ओबीसी वोटर्स भाजपा के पाले में गए. मध्य प्रदेश में बेशक कांग्रेस 1 फीसदी से आगे रही, लेकिन इसे बहुत बड़ा अंतर नहीं का जा सकता.
सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष “
