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समाज को बांटने की साजिश हो रही… भागवत के बयान पर अयोध्या के महंत और शंकराचार्य का तंज

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07 फ़रवरी 2023 |  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की ओर से पंडितों और जाति-संप्रदाय को लेकर दिए गए बयान पर आलोचना शुरू हो गई है. अयोध्या के महंत राजू दास  और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस पर सवाल उठाए हैं. छत्तीसगढ़ के रायपुर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि भागवत किस आधार पर यह बयान दे रहे थे, यह तो उनसे बात करके ही पता चलेगा. गीता में खुद भगवान कृष्ण ने जिक्र किया है कि वर्ण उन्होंने बनाए हैं.

वहीं, महंत राजू दास ने कहा कि हम भागवत के विचारों से सहमत नहीं हैं. मैं इसका पुरजोर विरोध और निंदा करता हूं. समाज को बांटने की साजिश हो रही है. आरएसएस प्रमुख ने मुंबई में रविवार को एक कार्यक्रम में कहा था, भगवान ने हमेशा बोला है मेरे लिए सभी एक है. उनमें कोई जाति वर्ण नही हैं, लेकिन पंडितों ने श्रेणी बनाई, वह गलत था. भारत देश हमारे हिंदू धर्म के अनुसार चलकर बड़ा बने और वह दुनिया का कल्याण करे. हिंदू और मुसलमान सभी एक हैं.

अखिलेश यादव ने भी साधा था निशाना

वहीं, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सोमवार को कहा कि उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि जाति-वर्ण को लेकर क्या वस्तुस्थिति है? सपा प्रमुख ने सोमवार को एक अखबार में प्रकाशित खबर की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, भगवान के सामने तो स्पष्ट कर रहे हैं, कृपया इसमें ये भी स्पष्ट कर दिया जाए कि इंसान के सामने जाति-वर्ण को लेकर क्या वस्तुस्थिति है.

…धर्म के ठेकेदारों और ढोंगियों की कलई खोल दी

सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसी बयान पर एक अलग ट्वीट में कहा, जाति-व्यवस्था पंडितों (ब्राह्मणों) ने बनाई है, यह कहकर संघ प्रमुख श्री भागवत ने धर्म की आड़ में महिलाओं, आदिवासियों, दलितों एवं पिछड़ों को गाली देने वाले तथाकथित धर्म के ठेकेदारों और ढोंगियों की कलई खोल दी, कम से कम अब तो रामचरितमानस से आपत्तिजनक टिप्पणी हटाने के लिये आगे आयें.

वहीं, इस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विशेषाधिकारी (ओएसडी) लोकेश शर्मा ने ट्वीट में कहा, मोहन भागवत जी, जाति-धर्म का राग अब छोड़ दीजिये इससे देश की जनता का भला नहीं होगा. उन्होंने कहा, यदि यही करते रहना है तो ‘सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास’ इस बात का क्या मतलब है? शर्मा ने कहा, बेरोजगारी-महंगाई देश का वाज़िब मुद्दा है, बेवजह की बातों में उलझाने के प्रयासों से ये समस्याएं और गंभीर होती जाएंगी.

सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष |”   

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