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विदेशों में भारी मांग के साथ तीस हज़ार रूपये किलो बिकती है ये भारतीय सब्जी

ByPrompt Times

Aug 31, 2020
विदेशों में भारी मांग के साथ तीस हज़ार रूपये किलो बिकती है ये भारतीय सब्जी
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अगर दुनिया की सबसे महंगी सब्जी की बात की जाए तो इसका उत्पादन भी भारत में ही किया जाता है। आजतक की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत की इस सब्जी की मांग दुनिया के अन्य देशों में काफी ज्यादा है। इसका उत्पादन हिमालय के तराई क्षेत्र में किया जाता है। इस सब्जी के एक किलो की कीमत तीस हज़ार है और बाहरी देशों में इसकी काफी ज्यादा मांग है। चूँकि इसे खाने से दिल संबंधी बीमारियों का खतरा नहीं रहता है इसलिए भी इसका दाम काफी ज्यादा है। इस सब्जी को एक तरह से मल्टी विटामिन की एक गोली की तरह माना जाता है। आइये जानते हैं कौन सी है ये सब्जी और क्या है इसकी खासियत।

हज़ारों रूपये किलो बिकने वाली इस सब्जी का ये है नाम
गुच्छी

हम विदेशों में जिस भारतीय सब्जी के 25 से 30 हज़ार रूपये किलो बिकने की बात कर रहे हैं उसका नाम गुच्छी(Gucchi) है। यह मुख्य रूप से हिमालय पर मिलने वाले जंगली मशरूम की ही एक प्रजाति है। जितनी महंगी यह सब्जी है इसे बनाने में भी काफी सामग्रियों की जरुरत पड़ती है। इस सब्जी को बनाने में मुख्य रूप से देशी घी और ड्राई फ्रूटस का इस्तेमाल किया जाता है। इसे इंडिया की बेहद दुर्लभ सब्जियों में से एक माना जाता है। इस सब्जी के बारे में भारतीय लोगों की ऐसी राय है कि, अगर इस सब्जी को खाना है तो पहले बैंक से लोन लेना होगा।

इतनी महंगी बिकने वाले इस सब्जी के पीछे ख़ास वजह यह है कि, इसकी गिनती लजीज पकवानों में की जाती है और यह तमाम औषधीय गुणों से भरपूर होती है। शोधकर्ताओं की माने तो इस सब्जी का सेवन यदि दिल की बीमारियों से पीड़ित कोई व्यक्ति करता है तो उसे काफी लाभ हो सकता है। गुच्छी को हिमालय की पहाड़ियों से लाकर निर्यात से पहले सुखाया जाता है। इसकी भी अलग-अलग क्वालिटी उपलब्ध है। बता दें कि, गुच्छी(Gucchi) का साइंटिफिक नाम मार्कुला एस्क्यूपलेंटा है। इसे लोग मोरेल्स के नाम से भी जानते हैं। कुछ जगहों पर इसे स्पंज मशरूम के नाम से भी जाना जाता है।

भारत में गुच्छी(Gucchi) का उत्पादन मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्र में किया जाता है। गुच्छी के ऐसी सब्जी है जो पहाड़ों पर बारिश के मौसम में कभी-कभी अपने आप भी उग जाते हैं। हालाँकि गुच्छी के अच्छे क्वालिटी को इक्कठा करने में कई महीनों का समय लग जाता है। पहाड़ों में काफी ऊंचाई पर जाकर इस सब्जी को लाना एक तरह से काफी जोखिम भरा काम है। जानकारी हो कि, बारिश के मौसम में गुच्छी को इकक्ठा करके इसे सुखाया जाता है और खाने में इसका इस्तेमाल सर्दियों में किया जाता है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में उत्पादित की जाने गुच्छी को खासतौर से अमेरिका, यूरोप, स्विट्ज़रलैंड और इटली के लोग काफी ज्यादा पसंद करते हैं। इस सब्जी में प्रचुर मात्रा में विटामिन बी, सी और डी पाए जाते हैं।

इस सब्जी को पोषक तत्वों का भंडार माना जाता है। विदेशों में फ़रवरी से अप्रैल माह के बीच मिलती है। गुच्छी(Gucchi) से बनाई जाने वाली दिशों में इसका कबाब दुनिया भर में मशहूर है। इससे कई तरह की मिठाईयां भी बनाई जाती है। कश्मीर में इस सब्जी से पुलाव भी बनाया जाता है। इसे वहां के लोग बट्टकुछ कहते हैं।


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