वाशिंगटन। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश की सबसे ताकतवर राजनीतिक पहचान तो सामने से हट गई है, लेकिन अब असली सवाल यह है कि आगे देश कौन चलाएगा और सत्ता का बदलाव किस तरह होगा। खुद अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस पर अभी काफी अनिश्चितता है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा कि अमेरिका मादुरो या उनके उत्तराधिकारियों को वैध नहीं मानता। फिर भी, जमीनी हालात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एनबीसी के ‘मीट द प्रेस’ पर एक इंटरव्यू में रुबियो ने कहा, “हमें उन लोगों से निपटना होगा जिनके पास बंदूकें हैं।
” उनका इशारा वेनेजुएला की सुरक्षा एजेंसियों और सरकारी ढांचे की ओर था, जो अभी भी सक्रिय हैं। रुबियो ने एबीसी न्यूज और सीबीएस न्यूज़ के साथ इंटरव्यू में पुष्टि की कि उन्होंने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज से बात की थी, जिन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद नेतृत्व की भूमिका संभाली है। उन्होंने यह नहीं बताया कि बातचीत में क्या सहमति बनी। उनका कहना था कि असली महत्व इस बात का है कि आगे वे क्या कदम उठाते हैं।
रुबियो ने दोहराया कि किसी से बातचीत करने का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका उसे वैध नेता मान रहा है। रविवार को वैधता का मुद्दा चर्चा का केंद्र रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि डेल्सी रोड्रिग्ज पर पहले से ही अमेरिका और यूरोपीय संघ के प्रतिबंध हैं और वह मादुरो सरकार का अहम चेहरा रही हैं। सीएनएन पर न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार डेविड सेंगर ने कहा कि मौजूदा अमेरिकी सरकार लोकतांत्रिक प्रतीकों से ज़्यादा व्यवहारिक रास्ता अपना रही है और फिलहाल उनसे काम ले रही है, जो तुरंत सहयोग कर सकें।
