• June 5, 2026 9:41 am

क्या होता है सूतक और पातक, क्यों इनके नियमों का पालन करना है जरूरी?

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29 दिसंबर 2023 !  हिंदू धर्म में शास्त्रों के अनुसार कुछ परंपराएं ऐसी मानी गई हैं, जिनका सख्ती से पालन किया जाना जरूरी माना जाता है. जन्म से लेकर मृत्यु तक हिंदू धर्म में कई संस्कार या परंपराएं बताई गई हैं. इन्ही परंपराओं में विशेष है सूतक और पातक. सूतक और पातक का अब भी हर हिंदू धर्म में पालन किया जाता है. माना जाता है कि इन नियमों का घर के हर सदस्य को पालन करना होता है.

कहा जाता है घर में जन्म या मृत्यु के बाद घर में अशुद्धि आ जाती है. इन्ही अशुद्धि के लिए सूतक और पातक की परंपरा बनाई गई. साथ ही मान्यता है की जिस घर में मृत्यु हुई हो उस घर में कुछ नियमों का पालन न करने से दिवंगत की आत्मा को शांति नहीं मिलती है. जब किसी बच्चे का जन्म होता है तब घर में सूतक लग जाता है. वहीं जब घर में किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है, तब पातक लग जाता है.

सूतक और पातक के नियम

जिस घर में सूतक या पातक लगते हैं, उन घर में हर तरह के धार्मिक कार्य कुछ दिनों के लिए पूरी तरह वर्जित माने जाते हैं. उन घरों में कुछ खास दिनों तक पूजा-पाठ करना भी निषेध माना गया है. घर के सदस्यों का किसी धार्मिक स्थल पर जाना भी वर्जित माना जाता है. जिस घर में पातक लगता है उस घर के सदस्य पातक की अवधि तक कहीं रिश्तेदारी में आना जाना भी नहीं कर सकते हैं और ना ही किसी समारोह में शामिल हो सकते हैं. सूतक काल घर में ही कहीं बैठकर भजन किए जाना चाहिए और पातक में गरुड़ पुराण का पाठ करना चाहिए.

कितने दिन के होते हैं सूतक और पातक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक पातक दोनों की ही अवधि 12 या 13 तक मानी जाती है. इस अवधि तक घर में सूतक या पातक जो भी लगा हुआ है उसके नियमों का पालन जरूर करना चाहिए.

सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष ”        


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