• June 9, 2026 1:55 am

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना क्यों माना जाता है जरूरी, कोई धार्मिक महत्व या सिर्फ किवदंती के हिसाब से चल रही परंपरा

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अक्षय तृतीया साल इस साल 10 मई 2024 के दिन है. हिंदू धर्म के मुताबिक यह एक ऐसी तिथि है, जिसपर मांगलिक कार्यों को करना अति शुभ माना जाता है. हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन किए गए कार्य का अक्षय फल प्राप्त होता है. अक्षय तृतीया के दिन आपने देखा होगा कि बहुत सारे घरों में सोना खरीदा जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे की वजह क्या है? आज हम आपको बताएंगे कि इसके पीछे का कारण क्या है.

अक्षय तृतीया

हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक अक्षय तृतीया का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है. इसलिए इस दिन मां लक्ष्मी का विधि विधान से पूजन किया जाता है. इस दौरान मां लक्ष्मी से प्रार्थना की जाती है कि उनकी कृपा सदैव घर परिवार पर बनी रहे. पूजा के दौरान हर कोई मां लक्ष्मी से निवेदन करता है कि उनकी कृपा से प्राप्त धन का कभी क्षय न हो, घर हमेशा सुख, शांति, धन, संपत्ति और समृद्धि से भरा रहे. घर में हमेशा माता लक्ष्मी का निवास हो. इसके अलावा अक्षय तृतीया का दिन बहुत शुभ माना जाता है, इस दिन सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं. क्योंकि इस दिन पूरे समय अबूझ मुहूर्त होता है. इस दिन कोई भी कार्य करने के लिए पंचांग की जरूरत नहीं पड़ती है.

अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना?

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक अक्षय तृतीया के दिन सोने-चांदी के गहने और मकान-वाहन आदि की खरीदारी करने की परंपरा है. इतना ही नहीं इस दिन सोने के गहनों की जमकर खरीदारी होती है. अधिकांश लोगों के मन में ये सवाल जरूर आता है कि अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना ज्यादा शुभ होता है या चांदी खरीदना? सवाल ये है कि इस दिन कौन सी धातु खरीदने से घर मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. मान्याताओं के मुताबिक सोना और चांदी दोनों ही धातुओं का अपना अलग-अलग महत्व होता है. इसलिए माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन सोना और चांदी दोनों की ही की खरीदारी की जा सकती है.

सोना मां लक्ष्मी का स्वरूप

बता दें कि सोने को मां लक्ष्मी का स्वरूप भी माना जाता है, इस मान्यता के पीछे पौराणिक कथा है कि देवताओं और असुरों में हुए समुद्र मंथन के दौरान सोना भी निकला था. जिसे भगवान विष्णु ने धारण कर लिया था. इस वजह से इसे मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. इसी कारण अक्षय तृतीया और धनतेरस के अवसर पर सोना खरीदने की परंपरा है. मान्यता है कि जब सोना या सोने से बने गहने खरीदकर घर लाते हैं तो उनके साथ साथ घर में मां लक्ष्मी का भी आगमन होता है. अक्षय तृतीया को लेकर यह भी मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन जो भी धन, संपत्ति खरीदी जाती है, वह हमेशा साथ बनी रहती है. इस कारण भी लोग उस दिन सोना खरीदना चाहते हैं.

क्यों खरीदते हैं चांदी 

बता दें कि कुछ लोग चांदी भी खरीदते हैं. चांदी का संबंध शुक्र ग्रह और चंद्रमा से माना जाता है. शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, सुविधाओं, प्रेम और संतान आदि का कारक ग्रह माना जाता है. इसलिए जब चांदी या चांदी की वस्तुएं खरीदकर उनका उपयोग किया जाता है, तो इससे जातक का शुक्र और चंद्र दोनों ही ग्रह मजबूत होते हैं. इतना ही नहीं चंद्रमा के मजबूत होने से व्यक्ति मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनता है और शुक्र जीवन में हर प्रकार की सुख-सुविधाएं, प्रेम और ग्लैमर आदि सब देता है. इसलिए चांदी खरीदना और उसे धारण करना तन, मन और धन से अच्छा होता है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

source abp news


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