24 दिसंबर 2022 | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में दो बड़े फैसलों पर मुहर लगी। मोदी सरकार ने सैन्य कर्मचारियों के पक्ष में बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, सरकार ने ‘वन रेंक, वन पेंशन’ योजना को संशोधित कर दिया है। इससे 25 लाख 13 हजार पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। दूसरी ओर सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) को अगले साल दिसंबर तक बढ़ा दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार के दोनों फैसले आने वाले चुनावों और साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में बहुत बड़ा ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकते हैं।
मोदी कैबिनेट से शुक्रवार को ‘वन रेंक, वन पेंशन’ योजना को संशोधित कर दिया है। अब न्यू ओआरओपी में 25 लाख 13 हजार से अधिक सैन्य कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इससे सरकार के खजाने पर 8450 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। न्यू ओआरओपी 1 जुलाई 2019 से लागू होगा। बता दें कि रिटायर सैन्य कर्मचारी बहुत समये से इसमें बदलाव की मांग कर रहे थे। पहले इस योजना में करीब 21 लाख पेंशनर्स ही लाभा मिलता था।
बताते चलें कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद साल 2015 में ‘वन रेंक, वन पेंशन’ (OROP) लागू हुई थी। इसमें करीब 21 लाख पेशनर्स को ही लाभ मिलता था। न्यू ओआरओपी का लाभ परिवार पेंशनधारकों के साथ युद्ध में शहीद होने वाले जवानों की विधवाओं एवं दिव्यांग पेंशनधारकों को भी मिलेगा। सरकार ने ये कदम ऐसे समय उठाया है, जब देश में राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग उनसे जुड़ रहे हैं।
क्यों शुरू हुई ‘PMGKAY’ मुफ्त राशन योजना
साल 2020 में कोरोना महामारी आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में संपूर्ण लॉकडाउन कर दिया। इससे लोगों की रोजी-रोटी और रोजगार पर बड़ी चोट पहुंची। फैक्ट्रियां बंद हो गईं। सभी काम धंधे ठप हो गये। इससे लोगों की आजीविका पर बड़ा असर पड़ा। धीरे-धीरे जब लॉकडाउन खुलने लगा तो गरीब लोगों के सामने पेट भरने का संकट पैदा हो गया। लॉकडाउन के कारण कारोबार ठप हो गया। लोगों को नौकरी नहीं मिल रही थी। ऐसे में सरकार ने साल 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) शुरू की। इस योजना के तहत देश के 80 करोड़ लोगों को राशन उपलब्ध कराया जा रहा था। हालांकि, पिछले साल सितंबर में मुफ्त राशन योजना को बंद करने की खबरें सामने आईं थीं लेकिन राज्य सरकारों के आग्रह पर इसको जारी रखा गया। सरकार ने PMGKAY योजना को अगले साल दिसंबर तक लागू रखने का फैसला किया है। इससे सरकार के खजाने पर 2 लाख करोड़ का भार पड़ेगा।
चुनाव में मिला लाभ मुफ्त राशन योजना
इस साल की शुरूआत में साल 2020, 21 और 22 में 14 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए। इनमें दिल्ली, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात शामिल हैं। इनमें पांच राज्यों को छोड़कर सभी राज्यों में भाजपा सत्ता में लौटी है। इसमें ‘मुफ्त राशन योजना’ का बड़ा हाथ है। दरअसल, साल 2020 के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव हुए थे। नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के खिलाफ जनता में जबरदस्त रोष था। महागठबधंन और एनडीए दलों के बीच करीबी मुकाबला था। राजनीतिक विश्लेषक मानकर चल रहे थे कि इस विधानसभा चुनाव में एनडीए सरकार की हार होगी। लेकिन लॉकडाउन के बाद शुरू की गई योजना ने बिहार चुनाव का रिजल्ट बदल दिया और एक बार फिर एनडीए सरकार बनाने में सफल रही। इसके बाद अन्य राज्यों में चुनाव हुए, जहां कुछ राज्यों में भाजपा ने सकरार बनाई। और अन्य राज्यों में वोट प्रतिशत में बढोतरी दर्ज की गई।
अगले साल इन राज्यों में होंगे चुनाव
2023 की शुरूआत से लेकर साल के अंत तक कई राज्यों में चुनाव हैं। इनमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे कुछ बड़े राज्य हैं। इनके अलावा, नॉर्थ-ईस्ट के त्रिपुरा, नागालैंड, मिजोरम और मेघालय मे भी चुनाव हैं। ऐसे में भाजपा लोकसभा चुनाव से पहले अधिक से अधिक राज्यों में सरकार बनाकर जनता के बीच एक बड़ा संदेश देने की कोशिश कर सकती है। इसमें सरकार की ‘मुफ्त राशन योजना’ बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकती है।
साल 2024 में भाजपा के सामने होगी बड़ी चुनौती
2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने दम पर सरकार बनाने वाली भाजपा के सामने 2024 में कांग्रेस के अलावा क्षेत्रीय दल भी बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं। राहुल गांधी इस समय ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में बिजी हैं। कांग्रेस की मानें तो बड़ी संख्या में लोग भारत जोड़ो यात्रा से जुड़ रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार बनाएगी। अगले लोकसभा चुनाव में अभी 15 महीने बाकी हैं। मोदी सरकार कोविड और रूस-यूक्रेन की चुनौती के बीच अगले साल फरवरी में अपना अंतिम पूर्ण बजट पेश करेगी। इसके अलावा साल 2024 में अंतरिम बजट लेकर आएगी। पूरे देश की निगाहें अगले 15 महीनों में होने वाली बड़ी घटनाओं पर टिकी रहेंगी।
