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“बिना पूरी जानकारी के..”: WHO ने चीन के पास अधिक कोरोना ऑरिजिन संबंधित डेटा होने की कही बात

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07 अप्रैल 2023 |  विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरुवार को कहा कि वो उन्हें निश्चित तौर पर ये पता है कि कोरोना वायरस के उत्पत्ती के संबंध के चीन के पास अधिक जानकारी है. ये कहते हुए संगठन ने चीन से जल्द से जल्द उक्त जानकारी साझा करने की अपील की है.

डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस ने जिनेवा में संवाददाताओं से कहा, ” चीन के पास जो जानकारी है, उसकी पूरा जाने बिना, कोरोना के संबंध में सभी बातें परिकल्पनाएं हैं.”

उन्होंने कहा कि कोरोना की उत्पत्ती के संबंध में “यह डब्ल्यूएचओ की स्थिति है और इसलिए हम चीन से इस पर सहयोग करने के लिए कह रहे हैं,” उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर बीजिंग पूरा डेटा दे देता है तो “हमें पता चल जाएगा कि क्या हुआ या यह (कोरोना) कैसे शुरू हुआ”.

गौरतलब है कि कोरोना के पहली बार सामने आने के तीन साल से अधिक समय बाद भी, इस बात को लेकर बहस जारी है कि महामारी की उत्पत्ति कैसे हुई.

यह मुद्दा साइंटिफिक कम्युनिटी और यहां तक कि विभिन्न अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के लिए टकराव का विषय साबित हुआ है. एक ओर ये कहा जाता है कि वायरस स्वाभाविक रूप से जानवरों से मनुष्यों में फैला है. वहीं, दूसरी ओर ये कहा जाता है कि वायरस वुहान प्रयोगशाला से लीक हुआ है. हालांकि, इस दावे का चीन ने खंडण किया है.

पिछले महीने के आखिर में, अचानक ये बात सामने आई कि रेकून कुत्ते, जो SARS-CoV-2 वायरस के समान वायरस फैलाने में सक्षम हैं, के कारण कोरोना वायरस का प्रसार हुआ.

इधर, शोधकर्ता जो सटीक डेटा की तलाश में हैं का कहना है कि उक्त तर्क (वायरस जानवर से इंसानों में फैला ) संक्रमण के प्रसार के कारणों को सपोर्ट तो करता है, लेकिन कारण यही होगा ये निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता है.

डब्ल्यूएचओ की तकनीकी प्रमुख मारिया वान केरखोव ने गुरुवार को पत्रकार को बताया कि नया डेटा “सुराग” प्रदान करता है, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं है, जिसमें जोर देकर कहा गया है कि डेटा “जनवरी और फरवरी 2020 में तीन साल से अधिक समय पहले एकत्र किया गया था” जिसे बहुत पहले साझा किया जाना चाहिए था.

उन्होंने कहा, “जानकारी के बिना, उचित आकलन करने के लिए डेटा के बिना, हमारे लिए ठोस जवाब देना बहुत मुश्किल है. और वर्तमान समय में, हमारे पास इस बात का कोई ठोस जवाब नहीं है कि महामारी कैसे शुरू हुई.”

लेकिन उन्होंने निश्चित तौर पर कहा कि चीन के “अविश्वसनीय वैज्ञानिकों” ने कहीं अधिक अध्ययन किया है और बहुत अधिक डेटा एकत्र किया है जो खोज में प्रासंगिक हो सकता है. उन्होंने कहा, ” हम जानते हैं कि उनके पास अधिक जानकारी है, वैज्ञानिकों, सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों और सरकारों की आवश्यकता है. यह कोई खेल नहीं है.”

सोर्स : NDTV इंडिया” 


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