• June 5, 2026 10:40 pm

वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 : 90 देशों की भागीदारी के साथ भारत बनेगा वैश्विक फूड हब

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नई दिल्ली। भारत जल्द ही दुनिया को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपनी ताकत दिखाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 25 सितंबर को शाम 6 बजे दिल्ली स्थित भारत मंडपम में वर्ल्ड फूड इंडिया (WFI) 2025 के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम 25 से 28 सितंबर तक चलेगा। इसे अब तक का सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है, जिसमें 90 से अधिक देश और 2,000 से ज्यादा प्रदर्शक भाग लेंगे। इस बार न्यूजीलैंड और सऊदी अरब पार्टनर देश होंगे, जबकि जापान, यूएई, वियतनाम और रूस फोकस देशों के रूप में शामिल होंगे।

गौरतलब है कि भारत खाद्य उत्पादन में दुनिया के अग्रणी देशों में है। यह दुनिया का सबसे बड़ा दूध, प्याज और दालों का उत्पादक देश है। चावल, गेहूं, गन्ना, चाय, फल-सब्जियां और अंडों के उत्पादन में भारत दूसरा सबसे बड़ा देश है। पिछले 10 वर्षों में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 7.33 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया है। वर्ष 2024-25 में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य का निर्यात 49.4 बिलियन डॉलर तक पहुंचा। इसमें से 20.4% हिस्सा केवल प्रसंस्कृत खाद्य का रहा, जो 2014-15 के 13.7% से कहीं अधिक है। इस क्षेत्र में लगभग 2.23 मिलियन श्रमिक पंजीकृत इकाइयों में और 4.68 मिलियन श्रमिक अपंजीकृत इकाइयों में काम कर रहे हैं।

सरकार इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। पंजीकृत खाद्य व्यवसाय संचालकों की संख्या 25 लाख से बढ़कर 64 लाख हो चुकी है। अब तक 24 मेगा फूड पार्क, 22 एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, 289 कोल्ड चेन प्रोजेक्ट और 305 प्रसंस्करण व संरक्षण इकाइयां पूरी की जा चुकी हैं। ऑपरेशन ग्रीन्स के तहत 10 परियोजनाओं से किसानों को सीधा लाभ मिला है। साथ ही, 225 शोध परियोजनाओं से 20 पेटेंट और 52 नई तकनीकें सामने आई हैं।

इसके अलावा प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLISFPI) 10,900 करोड़ रुपये की राशि से 2021-22 से 2026-27 तक लागू की गई है, जिसका उद्देश्य भारतीय ब्रांड्स को वैश्विक बाजार में मजबूत करना है। इसके अलावा मिलेट आधारित उत्पादों के लिए PLI स्कीम भी शुरू की गई है, जिससे रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार 100% एफडीआई, 2,000 करोड़ रुपये का NABARD फंड, प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) और पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (PMFME) जैसी योजनाओं के जरिए इस क्षेत्र में निवेश और बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है।
वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 की खास बातें
इस आयोजन में उच्च स्तरीय ज्ञान सत्र, पैनल चर्चा, बी2बी और बी2जी मीटिंग्स, स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज, डिजिटल शोकेस और ‘ग्रेट इंडियन फूड स्ट्रीट’ जैसे आकर्षण होंगे। इसके साथ ही दो बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम भी आयोजित होंगे जिनमें-3rd ग्लोबल फूड रेगुलेटर्स समिट (FSSAI द्वारा) और 24th इंडिया इंटरनेशनल सीफूड शो (SEAI द्वारा) शामिल हैं।
वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 की उपलब्धियां
पिछले साल के आयोजन में 1,557 प्रदर्शक, 20 देश पवेलियन और 2,390 विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें 67 फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स 5,135 करोड़ रुपये के निवेश से शुरू की गईं। PMFME योजना के तहत 25,000 लाभार्थियों को 2,351 करोड़ रुपये की सहायता दी गई और 70,000 स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को 245 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल प्रदान की गई।
गौरतलब है कि वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 केवल एक प्रदर्शनी नहीं है। यह भारत और दुनिया के बीच खाद्य क्षेत्र में साझेदारी का बड़ा मंच है। इस आयोजन के जरिए तकनीक, निवेश और नवाचार को जोड़ा जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, रोजगार के अवसर मिलेंगे और भारत दुनिया का ग्लोबल फूड हब बनने की दिशा में और मजबूत कदम बढ़ाएगा। वैश्विक खाद्य सुरक्षा और सतत विकास में भारत की भूमिका भी और महत्वपूर्ण होगी।


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