27 मई 2022 | दो दिवसीय ड्रोन महोत्सव के पहले दिन शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित किया. सबसे बड़े ड्रोन महोत्सव में पीएम मोदी ने कहा, जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, मेरा सपना है कि भारत में हर शख्स के हाथ में एक स्मार्ट फोन हो, प्रत्येक खेत में एक ड्रोन हो और प्रत्येक घर में समृद्धि हो.
ड्रोन विभिन्न किस्म के होते हैं. कुछ निगरानी के काम आते हैं, कुछ आम चीजों में इस्तेमाल होते हैं. वक्त के साथ ड्रोन विभिन्न देशों की सेनाओं में भी इस्तेमाल होने लगे हैं. पाकिस्तान आए दिन ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में हथियार और ड्रग्स सप्लाई करने की साजिश रचता रहता है. आइए आपको ले चलते हैं ड्रोन की दुनिया में और बताते हैं उन पांच सबसे खतरनाक ड्रोन के बारे में जो दुश्मनों को पलक झपकते ही मौत की नींद सुला सकते हैं.
एमक्यू-9 रीपर
अमेरिकी एयरफोर्स का फ्रंटलाइन हथियारबंद ड्रोन है एमक्यू-9 रीपर. यह सिंथेटिक अपर्चर रडार से लैस है. एमक्यू-9 के जरिए आठ लेजर गाइडेड मिसाइल छोड़ी जा सकती हैं. MQ-9A को अमेरिका और रॉयल एयरफोर्स ने रीपर नाम दिया था. यह ड्रोन 500% अधिक पेलोड ले जा सकता है और इसमें 9 गुना ज्यादा हॉर्सपावर है. यह ड्रोन 11 मीटर लंबा है और इसकी ऊंचाई 12.5 फीट है. इसका वजन 2,223 किलो है. इसमें 4000 पाउंड तेल आ सकता है और रेंज 1,150 मील है.
Kratos XQ-58 Valkyrie
अमेरिकी वायुसेना के लिए क्रैटोस ने इस स्टेल्थ लड़ाकू ड्रोन को तैयार किया है. स्टेल्थ यानी यह रडार की पकड़ से बचने में सक्षम है. यह बेहद तेज और काफी फुर्तीला भी है. अपने पंखों से यह खतरनाक हथियार दाग सकता है. यह 3000 मील की रेंज तक जा सकता है और 500 पाउंड तक वॉरलोड्स ले जा सकता है. इसकी अधिकतम गति सबसोनिक होगी. यह न्यूनतम 50 फीट और अधिकतम 45000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है.
जनरल एटॉमिक्स MQ-20 एवेंजर
इस ड्रोन को कई तरह के मिशन्स में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह बेहद तेज गति से उड़ सकता है. कम से ज्यादा ऊंचाई तक जाने के साथ-साथ बड़े इलाके में निगरानी रख सकता है. जमीन या समुद्र में दुश्मनों को तहस-नहस कर सकता है.
एवेंजर अत्याधुनिक अगली पीढ़ी का आरपीए है. जेट-संचालित ड्रोन प्रैट एंड व्हिटनी टर्बोफैन इंजन से लैस है जो 5,000 पाउंड से अधिक की ताकत पैदा कर सकता है.यानी 5,000 फीट से कम की रनवे लंबाई की जरूरत होती है. यह 400 KTAS की स्पीड से 50000 फीट की ऊंचाई पर 20 घंटे तक उड़ सकता है. विंग हार्ड पॉइंट पेलोड माउंसिंग कैपेसिटी के कारण यह कई तरह के सेंसर ले जा सकता है. जबकि अंदर 3,000 पाउंड युद्ध सामग्री या फिर बड़े सेंसर पेलोड्स रखे जा सकते हैं.
विंग लूंग II
यह विंग लूंग 1 यूएवी का एडवांस वर्जन है. इसे चीन की एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ने बनाया है. विंग लूं II का एयरोडायनैमिक डिजाइन है. यह बेहतर एयरफ्रेम और एडवांस एयरबोर्न सिस्टम से लैस है. इसकी उड़ान, पेलोड और सूचना क्षमताएं भी काफी बेहतर हैं. इसके हर पंख में बम, रॉकेट या फिर हवा से जमीन में मार करने वाली मिसाइलें लगाई जा सकती हैं. इसके ऊपर एक सैटेलाइट कम्युनिकेशन एंटीना भी लगाया गया है ताकि यूएवी और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन के बीच डेटा ट्रांसमिशन होता रहे. विंग लूंग-II की लंबाई 11 मीटर और पंखों की चौड़ाई 20.05 है. इसकी ऊंचाई 4.1 मीटर है.
विंग लूंग II में टर्बोचार्जड इंजन लगा है. यह 20 घंटे तक अधिकतम 370 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से उड़ सकता है. इसमें 400 किलो की युद्ध सामग्री रखी जा सकती है. यह 480 किलोग्राम के कुल वजन के साथ 12 लेजर-गाइडेड बम या मिसाइल ले जाने में सक्षम है. दुश्मनों के खेमे में तबाही मचाने के लिए इसमें कई तरह के हथियार लगाए गए हैं. इसको एक ऑपरेटर रिमोट से कंट्रोल कर सकता है.
ताई अक्सुंगुर
अक्संगुर हाई पेलोड क्षमता वाला यूएवी है. आईएसआर और हमले के लिए यह बेहद घातक ड्रोन है. विभिन्न मकसदों के लिए इस्तेमाल होने वाला यह ड्रोन रात या दिन में निगरानी, मैरीटाइम पेट्रोल, सिग्नल इंटेलिजेंस, स्ट्राइक मिशन को अंजाम दे सकता है. इसकी लंबाई 12.5 मीटर, ऊंचाई 3.1 मीटर और पंखों की चौड़ाई 24.2 मीटर है. इसमें पेलोड ले जाने के तीन विकल्प हैं. यह इन्फ्रा रेड, लेजर रेंज फाइंडर, सिंथेटिक अपर्चर रडार, हवा से जमीन पर मार करने वाले हथियारों से लैस है. इस यूएवी के हर पंख पर तीन हार्डपॉइंट्स हैं, जिसमें यह अधिकतम 500 किलो भार ले जा सकता है. यह 3300 किलो के भार के साथ उड़ सकता है और 750 किलो युद्ध सामग्री ले जाने में क्षमम है. हवा में यह 12 घंटे तक रह सकता है और 25000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है.
वो ड्रोन जिनका अनावरण किया गया है, लेकिन पेश नहीं हुए
सुखोई एस-70 ओखोटनिक-बी
रूस का लॉन्ग रेंज वाला यह ड्रोन स्ट्रेल्थ टेक्नोलॉजी से लैस है. यह अकेले ही कई अहम मिशन्स को अंजाम दे सकता है. रूस के पांचवीं पीढ़ी के Su-57 एयरक्राफ्ट के साथ भी काम कर सकता है.
ईएडीएस बाराकुडा
यह यूरोप का ड्रोन है, जिसे फिलहाल ईएडीएस बना रहा है. यह स्पेन और जर्मनी का जॉइंट वेंचर है. टोही से लेकर लड़ाई के मैदान में यह ड्रोन तबाही मचा सकता है.
Source;-“ZEE न्यूज़हिंदी”
