नई दिल्ली, 28 मई। नीति आयोग की शाषी परिषद की आठवीं बैठक नई दिल्ली के प्रगति मैदान में नए सम्मेलन केंद्र में आज शाम संपन्न हो गई है। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। प्रधानमंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लिए एक साझा दृष्टिकोण विकसित करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने आदर्श अमृत काल सुनिश्चित करने के लिए केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीम इंडिया के रूप में मिलकर काम करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि नीति आयोग केंद्र और राज्यों के बीच समान भागीदारी के लिए एक मंच है और इससे देश में सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद मजबूत होता है।
श्री मोदी ने कहा कि नीति आयोग ने सहकारी संघवाद को मजबूत करने के लिए आकांक्षी जिला कार्यक्रम जैसी कई पहल की हैं। उन्होंने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से और पूरे दिल से भाग लेने के लिए राज्यों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम की सफलता ने नीति आयोग को आकांक्षी विकास खंड कार्यक्रम शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्यों के 500 पिछड़े विकास खंडों में नागरिक जीवन स्तर को ऊपर उठाकर राज्य के औसत के बराबर लाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि डेटा की लगभग एक हजार छह सौ स्तरों वाली गति शक्ति, बुनियादी ढांचा क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण तय करती है। उन्होंने कहा कि यह प्रभावी सामाजिक-आर्थिक योजना और क्षेत्र-विकास की परिकल्पना को भी सुनिश्चित करती है।
बैठक के समापन के बाद नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी वी आर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यों से राजकोषीय घाटा कम करने और सुशासन की प्रथाओं का पालन करने को कहा है। ( वी.के. झा )
