23 अप्रैल2022 | भोपाल दौरे पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के रोड शो पर मुस्लिम महिलाओं ने भी फूल बरसाए। लिंक रोड नंबर दो से भाजपा कार्यालय तक दो किमी लंबा रोड शो निकला। पेपर ब्लास्टर गन से फूल बरसाए गए। कश्मीरी पंडितों ने भी शाह का स्वागत किया। BJP ऑफिस पहुंचकर केंद्रीय गृहमंत्री ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया, कुशाभाऊ ठाकरे, पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किए। BJP ऑफिस में कोर कमेटी के साथ बैठक की। कोर कमेटी के 16 लोग इस बैठक में शामिल हुए। यहां से 7:15 बजे शाह स्टेट हैंगर लिए निकले। यहां से वे दिल्ली रवाना हो गए। गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि मध्यप्रदेश की भूमि पर आना हमेशा एक विशेष अनुभव होता है। आज राजा भोज की नगरी भोपाल में जनता के इस अपार स्नेह एवं आशीर्वाद के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
जंबूरी में मंच से की CM शिवराज की तारीफ
भोपाल के जंबूरी मैदान में तेंदूपत्ता संग्राहकों के सम्मेलन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की। उन्होंने कहा- देश में ऐसा पहली बार है, जब किसी सरकार ने आदिवासियों को जंगल का मालिक बनाया है। शिवराज का यह कदम अनुकरणीय हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो विचारधारा है, गरीब से गरीब को अधिकार मिले, उस स्वप्न को शिवराज सिंह साकार करने का काम कर रहे हैं। दरअसल, शिवराज सरकार ने जंगलों का मालिक आदिवासियों को बनाने का फैसला लिया है।
भोपाल में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी बनाने का ऐलान
इससे पहले भोपाल प्रवास के दौरान अमित शाह ने 48वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस के कार्यक्रम शिकरत की। सेंट्रल अकादमी फॉर पुलिस ट्रेनिंग (CAPT) में हुए आयोजन में शाह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में भोपाल में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अब अंग्रेजों की डंडा मार पुलिस नहीं चलेगी, नॉलेज, सबूत और तर्कपूर्ण पुलिसिंग जरूरी है। केंद्रीय गृहमंत्री शुक्रवार सुबह 10.30 बजे विशेष विमान से राजाभोज एयरपोर्ट (स्टेट हैंगर) पर उतरे थे। स्टेट हैंगर पर CM शिवराज सिंह चौहान, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, BJP प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर और दूसरे कैबिनेट मंत्रियों ने शाह का स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल भी शाह के साथ आए।
भाजपा और अन्य दलों के फर्क को समझें
पार्टी पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों की बैठक में केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 50 साल बीतने के बाद भी मूल सिद्धांत, कार्यपद्धति और संस्कृति पर चल रही है। केन्द्र और राज्य सरकारें गरीब कल्याण के विचार को जमीन पर उतारने का काम कर रही हैं। कार्यकर्ताओं को भाजपा और अन्य दलों के बीच के फर्क को समझना जरूरी है। बीजेपी दफ्तर में हुई बैठक में अमित शाह ने कहा कि अगले चुनाव से पहले राहुल गांधी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं। यह बात हमारे के लिए प्लस पाॅइंट होगी। शाह ने कहा कि बूथ सशक्तिकरण के लिए जरूरी है कि पार्टी कार्यकर्ता बूथ पर विचारपूर्वक काम करें। किस बूथ पर हम कमजोर हैं, वहां मजबूती के लिए क्या किया जाना चाहिए, कौन से समीकरण बूथ को प्रभावित करते हैं, किस नेता या कार्यकर्ता को वहां भेजा जाना उचित होगा, इन सभी बातों पर विचार करते हुए योजना बनाएं। शाह ने कहा कि पार्टी को बूथ पर मजबूत बनाने के लिए मजदूरी नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से परिश्रम करना है। शाह ने पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं से आह्वान किया कि सभी 10-10 बूथों की जिम्मेदारी अपने ऊपर लें।
BJP का दूसरा मेगा इवेंट
भोपाल के जंबूरी मैदान में आदिवासियों के लिए भाजपा का 6 महीने में यह दूसरा मेगा इवेंट है। इससे पहले 15 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदिवासियों के सम्मेलन में पहुंचे थे।
शाह के दौरे पर कमलनाथ का तंज
गृहमंत्री अमित शाह के दौरे पर पूर्व CM कमलनाथ ने कहा है कि शाह देखें MP में कितनी बुरी हालत है। कलाकारी हो रही है, उसको भी देखें। मप्र में जिस प्रकार का धोखा दिया जा रहा है। यहां हर वर्ग परेशान है। CM शिवराज का नाम लिए बिना तंज कसा- केवल घोषणाएं और एक्टिंग करते हैं। वो सोचते हैं जनता समझती नहीं है। आज जनता बहुत समझदार है। कमलनाथ ने यह बयान राजाभोज एयरपोर्ट पर दिया। वह आज रतलाम और फिर इंदौर के दौरे पर हैं।
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जनजातीय वर्ग को ये सौगातें मिलीं
- प्रदेश में अभी तेंदूपत्ता संग्राहकों को 70% बोनस मिलता है। नई घोषणा में पेसा अधिनियम के अनुसार तेंदूपत्ता विक्रय से होने वाले लाभ पर 75% संग्राहक को, 10% राशि संग्राहकों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए, 10% राशि वन क्षेत्रों में लघु वनोपज प्रजातियों के संरक्षण पर और 5% ग्राम सभाओं को दी जाएगी।
- वन विभाग अब राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटकों के प्रवेश से मिलने वाली राशि में से 33% वन समितियों को देगी। समिति आवंटित क्षेत्र में ईको पर्यटन का कार्य कर सकेगी। इससे होने वाली आय वन समिति को मिलेगी।
- प्रदेश के एक तिहाई गांव वन क्षेत्रों के अंदर या उसके आसपास बसे हैं। इनकी संख्या लगभग 15 हजार है, जिनकी आजीविका जंगल पर आधारित है। 5 हजार वन समितियों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए माइक्रो प्लान लाया जाएगा।
- वन समितियों का गठन ग्राम सभा करेगी। समिति में महिलाओं को शामिल करना अनिवार्य होगा। पेसा कानून की भावना के अनुरूप ग्राम सभाओं को लघु वनोपजों का पूरा अधिकार मिलेगा। वनोपज में महुआ, तेंदूपत्ता, हर्रा, बहेड़ा, आंवला और चिरौंजी प्रमुख हैं।
Source;- ‘’दैनिकभास्कर’’
