• June 10, 2026 1:16 am

एक साइंटिस्ट ने पहले ही किया था इस भूकंप का इशारा, क्यों आते हैं झटके, क्या ये बड़े कंपन का संकेत

Share More

अक्टूबर 4 2023 ! समूचे उत्तर भारत में करीब 6.2 भूकंप के तेज झटके महसूस किये गए. भवन हिलने लगे. बहुमंजिला भवनों में हड़कंप मच गया. घबराए लोग बड़ी संख्या में नीचे उतर आए. भूकंप की जद नेपाल से शुरू होकर समूचे उत्तर भारत में रही. ये भूकंप दूसरे झटकों से अलग कुछ ज्यादा देर रहा. ये भूकंप इस साल आए मध्यम तीव्रता के झटकों में पांचवां बड़ा अर्थक्वेक था. इसके बाद कई सवाल भी खड़े हो गए हैं कि ये हल्का भूकंप किसी बड़े भूकंप का इशारा तो नहीं. हालांकि ये भी सवाल है कि उत्तर भारत में भूकंप के झटके पहले की तुलना में क्या बढ़ गए हैं. गौरतलब ये भी है कि मुश्किल कुछ घंटे पहले ही नार्थईस्ट खासकर मेघालय में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे.

एक साइंटिस्ट फ्रेंक हूगरबीट ने दावा किया था कि 03 अक्टूबर को भूकंप आ सकता है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, 30 सितंबर हमने पाकिस्तान के करीब कुछ इलाकों में वातावरण में विचलन रिकॉर्ड किए थे. ये चीज इस बात का संकेत थी कि कोई तगड़ा भूकंप आसपास आ सकता है. ऐसा ही मोरक्को में भी हुआ था. लेकिन हमें पुख्ता तौर पर नहीं मालूम था कि ऐसा होगा ही.

जब ऐसा होता है तो इससे पहले क्या कोई संकेत वातावरण में भी मिलता है, इस बात का जवाब फिलहाल वैज्ञानिकों के पास नहीं है लेकिन वो इस पर काम जरूर कर रहे हैं.दरअसल धरती के भीतर कई प्लेटें होती हैं जो समय-समय पर विस्थापित होती हैं. इस सिद्धांत को अंग्रेजी में प्लेट टैक्टॉनिकक और हिंदी में प्लेट विवर्तनिकी कहते हैं. इस सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी की ऊपरी परत लगभग 80 से 100 किलोमीटर मोटी होती है जिसे स्थल मंडल कहते हैं. पृथ्वी के इस भाग में कई टुकड़ों में टूटी हुई प्लेटें होती हैं जो तैरती रहती हैं.

सोर्स :-“न्यूज़ 18 हिंदी|”   

 


Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *