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पहली बार होगा पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज का एकेडमिक ऑडिट, 4 पैमानों पर किया जाएगा असेसमेंट

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24  सितम्बर 2022 | तकनीकी शिक्षा विभाग (डीटीई) प्रदेशभर के इंजीनियरिंग कॉलेज व पॉलिटेक्निक के लिए राज्य स्तरीय रैंकिंग फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है। इसके लिए सत्र 2022-23 के शीतकालीन सेमेस्टर से सभी इंस्टीट्यूट का एकेडमिक ऑडिट कराया जाएगा। शुरुआत में शासकीय, अनुदान प्राप्त कॉलेज व पॉलिटेक्निक का ऑडिट होगा। हर एक इंस्टीट्यूट का 300 अंक का असेसमेंट चार अलग-अलग भागों (एडमिनिस्ट्रेटिव, एकेडमिक, रिसर्च एंड डेवलपमेंट एक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर) में किया जाएगा।

इसके लिए मार्किंग सिस्टम तैयार किया है। इसके अनुसार ऐसे इंस्टीट्यूट जो 10 साल से स्थापित हैं उन्हें 40%, जिन्हें 10 से 15 साल हुए हैं उन्हें 50% और जो 15 साल से ज्यादा समय से संचालित इंस्टीट्यूट्स को 60% स्कोर करना जरूरी है। इस स्कोर के हिसाब से ग्रेडिंग की जाएगी। प्रदेश में 8 शासकीय और अनुदान प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। इनमें से एक भी नेशनल रैंकिंग फ्रेम वर्क में शामिल नहीं है। वहीं 69 पॉलिटेक्निक हैं।

90 अंक का एडमिनिस्ट्रेटिव असेसमेंट
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 इसमें 12 पैरामीटर पर मार्किंग की जाएगी। रेगुलर प्रिंसिपल होने पर 5, इन चार्ज प्रिंसिपल पर 2 अंक दिए जाएंगे। स्वीकृत पोस्ट में से 76 से 100 % फैकल्टी वर्किंग होने पर 10, 51 से 75% फैकल्टी होने पर 7 मार्क्स, 26 से 56% फैकल्टी होने पर 3 अंक और इससे कम होने पर 2 अंक मिल सकेंगी। इसमें सबसे ज्यादा 25 अंक कोर्स टाइटल के हैं। इसमें कॉलेज की टॉप फाइव ब्रांच के इंटेक और उनमें रजिस्ट्रेशन के अनुसार मार्किंग की जाएगी। हर एक ब्रांच के 5 अंक हैं।

2. एकेडमिक एक्टिविटी के 80 अंक
इसमें 18 पैरामीटर पर मार्किंग होगी। जिसमें टीचिंग, फैकल्टी टीचिंग प्लान और उसके मॉनिटरिंग करने, टाइम टेबल, एग्जामिनेशन कंट्रोल रूम, स्टूडेंट्स फीडबैक, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट एक्टिविटी, जैसे पैरामीटर देखें जाएंगे। इसमें 3 साल के प्लेसमेंट रिकार्ड का असेसमेंट भी होगा।

3. आरएंडडी एक्टिविटी के 50 अंक
इसमें 10 पैरामीटर पर असेसमेंट होगा। देखा जाएगा कि कितने स्टॉफ मेंबर रिसर्च गाइड है। कितने शिक्षक के अंडर में कितनी पीएचडी डिग्री अवाॅर्ड हुई हैं। कितने रिसर्च प्रोजेक्ट को विभिन्न एजेंसियों से फंड मिला है। राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर कितने रिसर्च पेपर पब्लिश हुए हैं।

4. 80 अंक का होगा इंफ्रास्ट्रक्चर असेसमेंट
इंस्टीट्यूट के भवन में इंटरनेट, सीसीटीवी की सुविधा,विजिटिंग/वेटिंग रूम, गर्ल्स और बॉयज कॉमन रूम, प्लेसमेंट सेंटर, रिसर्च एंड इनोवेशन सेल जैसे 16 पैरामीटर पर असेसमेंट होगा। यह भी देखेंगे कि लाइब्रेरी में एक समय में कितने स्टूडेंट्स बैठते हैं। एक साथ कम से कम 30 स्टूडेंट्स को बैठने की सुविधा हाेने पर मार्किंग होगी।

इस तरह होगी ग्रेडिंग

स्काेर – परफार्मेंस ग्रेड

  • 85% या अधिक – उत्कृष्ट
  • 71 से 84% – अच्छा
  • 51 से 70% – संतोषजनक
  • 50% से कम – सुधार की जरूरत

नई शिक्षा नीति के तहत तैयार कर रहे राज्य स्तरीय रैंकिंग फ्रेमवर्क
डीटीई के कार्यालय प्रमुख एवं एडिशनल डायरेक्टर डॉ. मोहन सेन ने बताया कि पहली बार राज्य स्तरीय रैंकिंग फ्रेमवर्क तैयार कि जा रहा है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से टेक्निकल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट का एकेडमिक ऑडिट किया जाएगा। पहले चरण में डीटीई की दो-दो एक्सपर्ट की कमेटी अक्टूबर-नवंबर में 10 इंजी. कॉलेज और 10 पॉलिटेक्निक का ऑडिट करेंगी। ताकि इनकी वर्तमान स्थिति को परखा जा सके और कमियों को सुधारा जा सके। उम्मीद है कि इस सिस्टम से कॉलेज भी अच्छा परफार्मेंस करने के लिए प्रेरित होंगे। इस फ्रेमवर्क में प्राइवेट कॉलेजों को भी शामिल करेंगे।

सोर्स :- “दैनिक भास्कर”                         

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