24 जुलाई 2023 ! शरद पवार (Sharad Pawar) के धड़े वाले एनसीपी के विधायक रोहित पवार (Rohit Pawar) ने विधान भवन परिसर में धरना दिया. इसको लेकर उनके चाचा और डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) ने नाराजगी जाहिर की है. रोहित पवार अहमदनगर जिले के कर्जत-जामखेड क्षेत्र से विधायक हैं और अपने क्षेत्र में औद्योगिक विकास निगम की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे.
वहीं, एनसीपी विधायक और शरद पवार के वफादार अनिल देशमुख ने विधानसभा में रोहित पवार के विरोध का मुद्दा उठाया. रोहित पवार यह मांग कर रहे हैं कि उनके निर्वाचन क्षेत्र को औद्योगिक विकास के लिए चिह्नित किया जाए. वहीं, अनिल देशमुख को जवाब देते हुए अजित पवार ने कहा कि रोहित पवार की इस विशेष मांग को उठाने वाला पत्र राज्य सरकार के पास है. सरकार ने 1 जुलाई को चिट्ठी का जवाब देते हुए कहा था कि सभी हितधारकों की एक बैठक आयोजित की जाएगी और उचित फैसला किया जाएगा.
अजित पवार ने आगे कहा, ”रोहित पवार को विरोध वापस लेना चाहिए.” उन्होंने कहा कि जब संबंधित मंत्री ने रोहित पवार की चिट्ठी का जवाब दे दिया है तो एक जन प्रतिनिधि द्वारा इस तरह विरोध का सहारा लेना ठीक नहीं है. अजित पवार ने कहा, ”राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह आज (सोमवार) से शुरू हो रहा है. अभी भी पर्याप्त समय है जहां विधान भवन में बैठक आयोजित की जा सकती है.”
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने इस विरोध-प्रदर्शन पर कहा, ”यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है कि जन प्रतिनिधि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास धरना-प्रदर्शन नहीं करेंगे. हालांकि, रोहित पवार वहीं बैठे रहे. मैं उनसे विरोध वापस लेने की अपील करूंगा.” बता दें कि एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटिल और बीजेपी नेता और ग्रामीण विकास मंत्री गिरीश महाजन ने रोहित पवार से मुलाकात की जिसके बाद उन्होंने अपना विरोध-प्रदर्शन वापस ले ल लिया.
