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2 चरणों में 18 जिलों के 5,020 बूथों पर अलर्ट; CM सिटी करनाल भी शामिल

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15 अक्टूबर 2022 | हरियाणा में 3 चरणों में हो रहे पंचायत चुनावों में राज्य चुनाव आयोग को बूथ कैप्चरिंग, हिंसा और झगड़ा-फसाद की आशंका है। पहले और दूसरे चरण के लिए 18 जिलों में पंचायत चुनाव हो रहे हैं। इनमें ऐसे 5,020 बूथ चिन्हित किए गए हैं। जिन्हें हाइपर सेंसेटिव और सेंसेटिव की श्रेणी में रखा गया है। इनमें CM सिटी करनाल भी शामिल है।

राज्य चुनाव आयोग के फैसले के मुताबिक 2 चरणों में 2,716 बूथ हाइपर सेंसेटिव यानी अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। 2,303 बूथों को सेंसेटिव यानी संवेदनशीन श्रेणी में रखा गया है। आयोग यहां अतिरिक्त पुलिस कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा। इसके बारे में हरियाणा पुलिस के DGP को आदेश दे दिए गए हैं। वहीं मतदान से पहले और मतदान के दिन यहां पुलिस की गश्त भी ज्यादा रहेगी।

पहले चरण में 3,021 बूथों पर खतरा
पंचायत चुनाव के पहले चरण में 3,021 बूथ ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनमें ज्यादा खतरा है। राज्य चुनाव आयोग ने 9 जिलों में सबसे पहले नंबर पर नूंह को रखा है। यहां पर 7,94 बूथ अति संवेदनशील और संवेदनशील रखे गए हैं। इसके अलावा भिवानी जिले में 8,26, जींद में 8,82, पानीपत में 5,29 और कैथल में 6,91 बूथों को हाइपर सेंसटिव और सेंसेटिव श्रेणी में शामिल किया गया है।

CM सिटी करनाल दूसरे चरण में
दूसरे चरण के पंचायत चुनावों में हाइपर सेंसेटिव और सेंसेटिव बूथों में CM सिटी करनाल भी शामिल है। दूसरे चरण में सोनीपत पहले नंबर पर हैं। यहां 9,76 बूथ ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। दूसरे नंबर पर करनाल में 8,88, तीसरे पर सिरसा में 9,25, चौथे नंबर पर रोहतक में 5,29 और 5वें नंबर पर चरखी दादरी में 4,39 बूथ हाइपर सेंसेटिव और सेंसेटिव श्रेणी में रखे गए हैं।

इन 5 पॉइंट्स से समझिए, बूथों की श्रेणी कैसे तय की गई

  • पिछले चुनावों के दौरान हुई आपराधिक घटनाएं।
  • पिछले चुनावों के दौरान हुई जातीय हिंसा की घटनाएं।
  • किसी एक बूथ पर एक वर्ग विशेष की अधिकता
  • वोटरों की संख्या दूसरे बूथों से ज्यादा
  • जहां गुटबाजी, नशा और झगड़ा-फसाद ज्यादा

हरियाणा पंचायत चुनाव से जुड़ी अहम बातें

  • जिला परिषद मेंबर चुनाव में सामान्य वर्ग के लिए शिक्षा 10वीं, महिला और SC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 8वीं पास और SC महिला के लिए 5वीं पास होना जरूरी है।
  • पंचायत समिति मेंबर, सरपंच और पंच के लिए सामान्य वर्ग के लिए 10वीं, महिलाओं और SC वर्ग के लिए के 8वीं पास जरूरी है। बैकवर्ड क्लासेज A के लिए शैक्षणिक योग्यता अनारक्षित वर्गों की तरह ही रहेंगी।
सोर्स :- “दैनिक भास्कर”                      

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