22-फरवरी-2022 | प्रदेश में ओमिक्राॅन के आखिरी तीन मरीज 9 फरवरी को मिले थे। उसके बाद से 11 दिन गुजर चुके हैं अब तक कोरोना के इस वैरिएंट का एक भी मरीज नहीं मिला है। पूरे राज्य में अब तक 46 मरीज मिले हैं। सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। राहत की बात है कि ओमिक्राॅन पाॅजिटिव वाले एक भी मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी और एक की भी मौत नहीं हुई।
स्वास्थ्य विभाग इसके बावजूद ओमिक्रान वैरिएंट को लेकर अलर्ट है। अभी भी विदेशों से आने वाले लोगों के सैंपल जांच के लिए भुवनेश्वर लैब भेजे जा रहे हैं। विदेश यात्रा से लौटने वालों को 5 दिन आइसोलेशन में रखने के बाद उनका सैंपल ओमिक्रान वैरिएंट का पता लगाने के लिए भेजने का सिस्टम बंद नहीं किया गया है। अफसरों का कहना है केंद्र की गाइड लाइन के अनुसार ही सैंपल भेजे जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण का खतरा कम जरूर हुआ है, लेकिन पूरी तरह से टला नहीं है।
ऐसी दशा में अभी भी सावधान रहने की जरूरत है। हालांकि प्रदेश में अब रोज 500 से कम मरीज मिल रहे हैं। रोज औसतन 25 से 30 हजार संदिग्धों की जांच की जा रही है। इसमें एक से डेढ़ प्रतिशत लोग ही कोरोना पाजिटिव निकल रहे हैं। मौतों की संख्या में खासी कमी आ गई है। शनिवार और रविवार को लगातार दो दिन प्रदेश में एक भी मरीज की मौत नहीं हुई।
मरीजों की संख्या कम होने से एक्टिव मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। 3500 के आसपास एक्टिव मरीज हैं। संक्रमण दर तेजी से घट रहा है और डिस्चार्ज होने वाले मरीज उसी अनुपात में बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी भी प्रदेश में 200 से 500 के बीच मरीज इसलिए मिल रहे हैं, क्योंकि जांच की संख्या कम नहीं हुई है। जांच की संख्या कम करने से पाजिटिव मरीजों की संख्या में भी कमी आएगी।
नियंत्रण में, पर खत्म नहीं हुआ
प्रदेश में कोरोना नियंत्रण में है। खत्म नहीं हुआ है, लेकिन यह स्थिति काफी बेहतर है। संभव है कि होली तक स्थिति अच्छी हो जाएगी
Source;-“दैनिक भास्कर”
