• June 6, 2026 3:31 am

छत्तीसगढ़ के जंगली हाथी प्रभावित गांव में रोशनी का इंतजाम

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29 अप्रैल 2023 !  छत्तीसगढ़ के कई इलाके ऐसे है जहां जंगली हाथी उत्पात मचाते हैं। इसके चलते बड़े पैमाने पर नुकसान भी होता है। जंगली हाथी के उत्पात से होने वाली जन-धन की हानि को रोकने के लिए उजाले का इंतजाम किया गया है। बालोद जिले के अनेक ग्राम पंचायतों में लम्बे अरसे से समय-समय पर जंगली हाथियों की धमक होती रही है। देवारभाट, तालगांव, मटिया बी, मुल्लेगुड़ा, नर्रा एवं इनके 12 से अधिक आश्रित ग्राम, पारा, टोला में जंगली क्षेत्र से हाथियों का दल भोजन पानी की तलाश में बस्तियों के निकट वक्त बेवक्त आ जाते थे एवं खेत जलाशय, घरों, मुहल्लों, बाड़ी को नुकसान पहुंचाने के साथ, जान व माल का नुकसान होता था, जिससे यहां सामान्य जनजीवन के समक्ष एक कठिन चुनौती उत्पन्न हो रही थी।

हाथियों की यह समस्या तब और विकराल रूप ले रही थी जब हाथी दल की धमक अंधेरे में हो, इस डर के कारण इन क्षेत्रों में ग्रामीण अंधेरा होने के बाद किसी भी कार्य हेतु घर से बाहर जाने से भयभीत होते व बचते थे। ग्रामीणों द्वारा समय-समय पर शासन-प्रशासन वन विभाग एवं जन प्रतिनिधियों के समक्ष लम्बे समय से इस समस्या के निदान हेतु हाथी प्रभावित इन क्षेत्रों में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था की मांग उठती रहती है।

इन सभी हाथी प्रभावित ग्रामों, पारा टोला में जिला खनिज न्यास निधि योजना से सौर उर्जा संचालित हाई मास्क लाईट स्थापना प्रमुख चिन्हित स्थानों पर की गई, जिससे अब वहां अंधेरे के समय में हाथी आतंक से निर्मित होने वाले भय के वातावरण से निजात मिली एवं जान व माल की सुरक्षा में यह प्रकाश व्यवस्था अहम कड़ी साबित हुई।

सोर्स :“खास खबर” 


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