अक्टूबर 13 2023 ! लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने संवाददाताओं से बात करते हुए इसकी पुष्टि भी की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि कनाडा की स्पीकर से अनौपाचारिक बातचीत के दौरान वो कई मुद्दों पर उनसे चर्चा करेंगे.
13 अक्तूबर को होने वाले पी20 सम्मेलन में रेमोंडे गैग्ने के शामिल न होने का फ़ैसला ऐसे वक़्त आया है जब भारत और कनाडा के रिश्ते निचले स्तर पर हैं.
भारत ने इसे ‘बेबुनियाद’ और ‘दुर्भावना से प्रेरित’ बताते हुए इसका खंडन किया था. भारत ने कहा था कि अगर कनाडा के पास इससे जुड़े ठोस सबूत हैं तो वो भारत के सामने रखे.
भारत के कनाडा में वीज़ा से जुड़ी अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से स्थगित कर दीं और कनाडा से कहा कि वो भारत में मौजूद अपने 40 राजनयिकों को वापस बुलाए.
इस बीच एक रिपोर्ट ये भी मिल रही है कि कनाडा की विदेश मंत्री मैलानी जोली ने वॉशिंगटन में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से एक ‘सीक्रेट मुलाक़ात’ की है.
वहीं इस ख़बर पर ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है. अख़बार लिखता है कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इसकी पुष्टि की है.
उन्होंने कहा है कि भारत ने जी20 के सभी सदस्यों को निमंत्रण भेजा था लेकिन हिस्सा लेने या न लेने का फ़ैसला लेने के लिए सभी आज़ाद हैं.
अख़बार लिखता है कि अमेरिका में स्पीकर का पद फ़िलहाल ख़ाली होने के कारण वो इसमें शामिल नहीं होगा. जर्मनी और अर्जेंटीना भी “आंतरिक कारणों से” बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे.
उन्होंने कनाडा में भारत के राजनयिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि, “हम मानते हैं कि मूल मुद्दे का समाधान ज़रूरी है और वो ये है कि कनाडा आलगाववादी और आपराधिक तत्वों के लिए पनाहगाह बनता जा रहा है. हम चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के तहत कनाडा अपने यहां मौजूद भारत के राजनयिकों और भारतीय दूतावासों की सुरक्षा करे.”
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन के दौरान कनाडा की विदेश मंत्री की भारत के विदेश मंत्री से मुलाक़ात की पुष्टि तो नहीं की लेकिन कहा कि दोनों पक्ष “अलग-अलग स्तरों पर” एक-दूसरे के साथ संपर्क में हैं.
सोर्स :-“BBC न्यूज़ हिंदी”
