अक्टूबर 13 2023 ! अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन इजरायल की राजधानी तेल अवीव पहुंच गए हैं. वह यहां पर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री से मुलाकात करने वाले हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि वह इजरायल को भेजे गए अमेरिकी हथियारों को भी देखने वाले हैं. दो दिनों के भीतर वह अमेरिका के दूसरे ऐसे टॉप लेवल के नेता हैं, जो इजरायल पहुंचे हैं. ऑस्टिन से पहले विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन तेल अवीव गए थे.
हमास ने गाजा के लोगों से कहा है कि वह इजरायल के दक्षिणी गाजा में जाने के आदेश को नहीं सुने. हमास का कहना है कि इजरायल प्रोपेगैंडा फैलाने की कोशिश कर रहा है. माना जा रहा है कि जल्द ही इजरायल उत्तरी गाजा में बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक करने वाला है.
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे लेबनान के दक्षिणी हिस्से में जाने से बचें. इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग के दौरान दक्षिणी लेबनान से हिजबुल्ला ने भी इजरायल पर हमला किया है. जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में गोलाबारी की है.
गाजा शहर में फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट के प्रवक्ता नेबल फरसाख का कहना है कि ऐसा कोई रास्ता नहीं है जिससे 24 घंटे के भीतर उत्तरी गाजा से दस लाख लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके. उन्होंने कहा कि हमारे मरीजों का क्या होगा. हमारे अस्पतालों में बच्चे और घायल बुजुर्ग भर्ती हैं. उन्होंने बताया कि अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर्स मरीजों को अकेला छोड़ने और अस्पताल छोड़कर जाने को तैयार नहीं हैं.
इजरायली सेना के प्रवक्ता जोनाथन कॉनरिकस ने कहा है कि गाजा को खाली कराना इजरायल के मानवीय कदमों का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद लोगों की जान बचाना है. गाजा के लोग हमारे दुश्मन नहीं है. उन्हंने कहा कि सेना का मकसद गाजा पर एयरस्ट्राइक के दौरान लोगों को बचाना है.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल पर हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले को यहूदियों के लिए ‘यहूदी नरसंहार’ (होलोकॉस्ट) के बाद का ‘‘सबसे घातक दिन’’ करार देते हुए कहा कि इसने सदियों तक की यहूदी विरोधी भावना और उनके खिलाफ नरसंहार की दर्दनाक यादों को ताजा कर दिया है. बाइडेन ने कहा कि अमेरिका इजरायल के हालात पर लगातार बारीकी से नजर बनाए हुए है.
इजराल की सेना ने कहा है कि गाजा शहर मिलिट्री ऑपरेश जोन बन चुका है. इजरायली सेना के प्रवक्ता ने कहा कि हमारा मकसद हमास के सैन्य अड्डों को खत्म करना और उन्हें यहां से खदेड़ना है. इस बात को ध्यान में रखकर ही गाजा के लोगों को कहा गया है कि वे दक्षिणी हिस्से में चले जाएं, ताकि कम से कम नुकसान हो पाए.
सोर्स :-“ABP न्यूज़“
