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छत्तीसगढ़ चैंबर नाराज:ऐन शादी सीजन के समय खाद्य तेल और तिलहन की स्टॉक लिमिट तय, फिर बढ़ सकती हैं कीमतें

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30 अप्रैल 2022 | शादी के पीक सीजन में खाद्य तेल और तिलहन पर स्टॉक लिमिट तय कर दी है। यानी अब कोई भी व्यापारी शासन से तय लिमिट से ज्यादा स्टॉक नहीं कर सकेगा। सरकार के इस फैसले से दावा किया जा रहा है कि आने वाले समय में दोनों खाद्य चीजों की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसका बोझ आम लोगों पर ही पड़ेगा। केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से छत्तीसगढ़ समेत देशभर में खाद्य तेलों एवं खाद्य तिलहन को उचित कीमत में उपलब्ध कराने 30 जून 2022 तक के लिए स्टॉक लिमिट तय की गई है।

नए नियम में इस लिमिट से ज्यादा स्टॉक करने वाले कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले का राजधानी के व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि राज्य की आबादी लगभग 3 करोड़ हो गई है। अक्षय तृतीया की वजह से अभी खूब शादी का मुहूर्त है। विवाह समारोह में खाद्य चीजों की मांग दोगुना हो जाती है। इसमें खासतौर पर तेल और दूसरी दालों की जरूरत पड़ती है।

ऐसे में केवल जून तक के लिए स्टॉक लिमिट तय करने से कालाबाजारी भी बढ़ सकती है। इसलिए फिलहाल इस समय स्टॉक लिमिट तय करना गलत है। छत्तीसगढ़ चैंबर अध्यक्ष अमर पारवानी बताया कि इस मामले में राज्य के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत से मुलाकात की गई है। उन्हें बताया गया है कि स्टॉक लिमिट से कई तरह की नई परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। फिलहाल मंत्री ने इस मामले में उचित फैसला लेने का आश्वासन दिया है।

सभी तरह की चीजें रखनी पड़ती हैं, ऐसे में स्टॉक लिमिट से ज्यादा हो जाएगा सामान
शहर के बड़े व्यापारिक संगठनों ने बताया कि खाद्य तेल एवं खाद्य तिलहन यानी सोयाबीन, सोयाबीन तेल, सरसों, सरसों तेल, फल्ली, फल्ली तेल, अलसी, अलसी तेल एवं अन्य तिलहन व तेल की जीन्स रहती है। इन सभी के अलग-अलग ब्रांड होते हैं। शादियों के सीजन में सभी ब्रांड की डिमांड होती है, क्योंकि हर वर्ग अपने बजट के अनुसार खरीदी करता है। ऐसे में कोई कारोबारी सभी ब्रांड रखता है तो वो स्टॉक लिमिट क्रॉस कर देगा।

ऐसे में उसे कई सरकारी नियमों में फंसने का डर बना रहेगा। चैंबर की मांग है कि थोक कारोबारियों को खाद्य तेल में 2500 क्विंटल और चिल्हर व्यापारियों को खाद्य तेल में 1000 क्विंटल तथा थोक कारोबारियों को खाद्य तिलहन में 4000 क्विंटल और चिल्हर में 200 क्विंटल स्टाॅक सीमा तय किया जाए। इससे डिमांड के अनुसार बाजार में सप्लाई बनी रहेगी। लोगों को भी उचित कीमत पर सामान मिलता रहेगा।

Source;- ‘’दैनिकभास्कर’’


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