20जुलाई 2022 जिला मुख्यालय के भगत सिंह वार्ड में करीब डेढ़ दशक पूर्व लाखों रुपए की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन निर्माण कार्य के दौरान भ्रष्टाचार की भेंट पर जाने के कारण खंडहर में तब्दील हो गया है। हैरानी की बात तो यह है कि निर्माण के बाद से ही यह सामुदायिक भवन वार्ड वासियों के कभी काम न आ सका, इसकी खस्ताहाल स्थिति की वजह से इसमें एक भी आयोजन नही हुआ। इस वार्ड समेत अगल-बगल के दो वार्डों में एक भी सामुदायिक भवन नहीं रहने के कारण तीनों वार्ड के लोगों को सामाजिक व सांस्कृतिक आयोजनों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बता दें कि जिला मुख्यालय में नगरपालिका के वार्ड क्रमांक छह, सात व आठ में एक भी सामुदायिक भवन नहीं था। जबकि इन तीनों वार्डो की आबादी सात से आठ हजार के करीब है। सामुदायिक भवन के अभाव में वार्ड वासियों को सामाजिक आयोजनों में होने वाली परेशानी को देखते हुए डेढ़ दशक से भी अधिक समय पूर्व नगर पालिका प्रशासन ने तीनों वार्डों के मध्य वार्ड क्रमांक सात भगत सिंह वार्ड में करीब 20 लाख रुपए लागत से सामुदायिक भवन निर्माण का ठेका दिया था। संबंधित ठेकेदार ने पुराना बस स्टैंड के पीछे भगत सिंह वार्ड में सोसायटी के सामने मंगल भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ किया था। धीमी गति से जारी निर्माण कार्य में सालों लगने के बाद करीब दस वर्ष पूर्व सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ था। निर्माण के दौरान गुणवत्ता हीन सामग्री एवं निर्धारित मापदंडों की अनदेखी के कारण शुरुआती दौर में ही भवन झुकने लग गया था।
लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी उक्त मंगल भवन वार्ड वासियों के किसी भी उपयोग नहीं आ सका। सामुदायिक भवन में शौचालय का निर्माण ही नहीं किया गया था। भवन बनते ही झुकने लगा था। यही कारण था कि भयवश सामुदायिक भवन में कोई भी सामाजिक अथवा सांस्कृतिक आयोजन अथवा अन्य कार्यक्रम हो ही नहीं सका। भवन के कायाकल्प की मांग लंबे समय से की जाती रही, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने वार्ड वासियों की मांग को पूरा करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। भवन में लगी जालियां और बिजली फिटिंग भी चोरी हो गई है।
मोहल्ले के पार्षद गैबीनाथ साहू ने बताया कि बनने के बाद सामुदायिक भवन में एक भी आयोजन नही हुआ। भवन शुरुआत से ही खस्ताहाल स्थिति में है। मैं कई सालों से शासन प्रशासन स्तर पर कण्डम सामुदायिक भवन को धराशायी कर नए भवन निर्माण की लगातार मांग कर रहा हूं। सामुदायिक भवन के अभाव में वार्डवासी काफी परेशान हैं।
Source;-“नईदुनिया”
