10 फरवरी 2022। कोरोना की वजह से दो साल से देशभर में व्यापार-उद्योग की गति मंद पड़ गई थी। हालांकि सूरत के लिए एक सकारात्मक बात रही कि कोरोना के बावजूद एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी हुई। चार साल के आंकड़े बताते हैं कि सूरत से विदेश में होने वाला एक्सपोर्ट ढाई गुना तक बढ़ गया है। वित्त वर्ष 2018-19 में सूरत स्पेशल इकोनॉमिक जोन से 7655 करोड़ रुपए का सामान का एक्सपोर्ट हुआ था तो 2021-22 में 18021 करोड़ रुपए हो गया।
सूरत से कपड़ा, हीरा, तंबाकू, प्लास्टिक, इंजीनियरिंग आइटम, सोलर इक्विपमेंट सहित कई तरह की वस्तुओं का का एक्सपोर्ट होता है। इनमें सबसे ज्यादा हीरा और कपड़े का एक्सपोर्ट हुअा। अमेरिका, यूरोप के साथ खाड़ी के देशों में भी सूरत की वस्तुओं की डिमांड बढ़ी है।

सूरत में बनने वाली वस्तुओं की अमेरिका, यूरोप और खाड़ी के देशों सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान में डिमांड ज्यादा है।
डायमंड और कपड़े के लिए सूरत देश-विदेश में विख्यात
सूरत कपड़े और डायमंड का हब है। यहां बने कपड़े देशभर में तो जाते ही हैं, साथ ही विदेश से भी काफी डिमांड होती है। रफ और पॉलिश्ड डायमंड के लिए तो सूरत विश्व विख्यात है। यहां दुनिया में रफ हीरे को चमकाने का सबसे ज्यादा काम होता है। इसी तरह अन्य वस्तुओं का भी यहां से निर्यात होता है।
यूरोप और गल्फ के देशों में सूरत के कपड़े काफी पसंद किए जाते हैं
सूरत में बनने वाली वस्तुओं की अमेरिका, यूरोप और खाड़ी के देशों सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान में डिमांड ज्यादा है। सूरत में तैयार होने वाले हीरे की डिमांड सबसे ज्यादा अमेरिका में है। सूरत से हीरे और कपड़े का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा लेबग्रोन डायमंड, प्लास्टिक, रबर, सोलर इक्विपमेंट, तंबाकू आदि भी निर्यात किए जा रहे हैं। सूरत में बने कपड़े अमेरिका, यूरोप और गल्फ के देशों में बिकते हैं। कोरोना काल के दौरान इन सभी वस्तुओं के निर्यात मे 5 प्रतिशत से 40 प्रतिशत का उछाल आया है।

कोरोना काल के दौरान इन सभी वस्तुओं के निर्यात मे 5 प्रतिशत से 40 प्रतिशत का उछाल आया है।
नेचुरल डायमंड के साथ अब विदेश में लेबग्रोन डायमंड की मांग भी तेजी से बढ़ी है। इस कारण एक्सपोर्ट में 50 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है। फॉरेन ट्रेड के एक अधिकारी ने बताया कि अब कोरोना से हालात सामान्य हो गए हैं। इस वजह से सूरत से एक्सपोर्ट और बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है। निर्यात में बाधा न आए इसके लिए सरकार की ओर से प्रयास किए जाते रहे हैं।
कोरोना के दौरान भी सेज की कई यूनिटों में चालू रहा उत्पादन
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड के अधिकारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि बीते चार साल में सेज में कार्यरत कई यूनिटों का एक्सपोर्ट बढ़ा है। विशेष तौर से नेचुरल और लेबग्रोन डायमंड का। इसके अलावा टेक्सटाइल के साथ अन्य वस्तुओं की मांग भी अमेरिका और यूरोप में बढ़ी है। कोरोना के दिनों में जब व्यापार उद्योग बंद थे, तब प्रशासन से विशेष मंजूरी लेकर भी सेज में कार्यरत यूनिटों ने उत्पादन चालू रखा था। इसके चलते कारोबार चलता रहा। एक्सपोर्ट में मुंबई के बाद अब सूरत का नंबर आता है। आगामी दिनों में एक्सपोर्ट और बढ़ेगा।
Source;-“दैनिक भास्कर”
