• June 7, 2026 2:15 pm

Diwali 2021- 5 दिन का दिवाली पर्व देता है पूरे साल की सुख-समृद्धि, जानें पांचों दिन के शुभ पूजा मुहूर्त

Share More

30 अक्टूबर 2021 | दिवाली (Diwali) का महापर्व अपने साथ एक नहीं 5 पर्व लेकर आता है. इस महापर्व की शुरुआत धनतेरस (Dhanteras) से होती है और भाईदूज (Bhai Dooj) पर समापन होता है. इन पांचों दिनों का अपना-अपना महत्‍व है और हर दिन के लिए पूजा-उपाय बताए गए हैं. यदि इन पांचों दिन विधिवत पूजा की जाए और कुछ बातों का ध्‍यान रखा जाए तो जिंदगी से सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं. साथ ही पूरे साल घर में सुख-समृद्धि (Happiness and Prosperity) बनी रहती है. इस साल 4 नवंबर 2021 को दिवाली मनाई जाएगी. चंडीगढ़ के ज्‍योतिषाचार्य मदन गुप्‍ता सपाटू से जानते हैं पांचों दिन का महत्‍व और पूजा के शुभ मुहूर्त. 

पांचों दिन की पूजा के शुभ मुहूर्त

धनतेरस (2 नवंबर 2021): धनतेरस का पर्व कार्तिक महीने के कृष्‍ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाते हैं. इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और आरोग्य का आशीर्वाद देने वाले भगवान धनवंतरि की विशेष पूजा की जाती है. यह दिन खरीदी करने के लिए अत्यंत ही शुभ माना जाता है. धनतेरस पर प्रदोषकाल में यमराज के लिए चौमुखा दीपक मुख्य द्वार पर जलाया जाता है. इस साल यह पावन पर्व 2 नवंबर 2021 को पड़ रहा है. साथ ही पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 06:18 बजे से रात के 08:11 बजे तक रहेगा. 
 
नरक चतुर्दशी (3 नवंबर 2021):  दीपावली महापर्व का दूसरा दिन नरक चतुर्दशी का होता है, इसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है. इस साल 3 नवंबर 2021 को यह पर्व मनाया जाएगा. इस दिन नरक से जड़े दोष से मुक्ति पाने के लिए  शाम के समय द्वार पर दिया जलाया जाता है. साथ ही घर के कोनों में दीपक जलाकर अकाल मृत्यु से मुक्ति पाने की कामना की जाती है. मान्यता है कि इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर उबटन लगाकर स्नान करने से रुप एवं सौंदर्य में वृद्धि होती है. इस साल उबटन और तेल लगाने का शुभ समय सुबह 06:06 बजे से 06:34 तक है. 

दीपावली (4 नवंबर 2021): दीपों से जुड़ा महापर्व दीपावली इस साल 4 नवंबर 2021 को मनाया जायेगा. इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी, ऋद्धि-सिद्धि के देवता गणपति, धन के देवता कुबेर के साथ महाकाली की पूजा का विधान है. सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए इन सभी देवी-देवताओं की रात्रि में साधना-आराधना की जाती है और उनके स्वागत में विशेष रूप से दीप जलाए जाते हैं. दिवाली के दिन लक्ष्‍मी पूजा करने का शुभ मुहूर्त शाम 06:10 से रात के 08:06 बजे तक है.  

गोवर्धन पूजा (5 नवंबर 2021): दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा का पावन पर्व मनाया जाता है. इस साल यह पर्व 5 नवंबर 2021 को है. इसे अन्नकूट उत्सव भी कहते हैं. इस दिन घर की गाय और अन्य जानवरों के साथ गोवर्धन की पूजा का बहुत महत्व है. इस दिन घरों एवं मंदिरों आदि में गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजे जाते हैं. इसी दिन भगवान कृष्ण को 56 भोग अर्पित किए जाते हैं. इस साल गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:35 से 08:47 मिनट तक है.  

भाई दूज (6 नवंबर 2021): दिवाली महापर्व के आखिरी दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाई की आरती उतारकर उनका तिलक करती हैं. भाई उन्‍हें उपहार देता है. मान्‍यता है कि इस दिन यमुना नदी में स्‍नान करने या यमुना जल मिले पानी से स्‍नान करने से बहुत पुण्‍य मिलता है. इस पर्व को यम द्वितीया भी कहते हैं. 6 नवंबर को भाई दूज मनाने का शुभ समय दोपहर 01:10 से 03:21 बजे तक है. 

Source :-“ज़ी न्यूज़ हिंदी”


Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *