अक्टूबर 18 2023 ! चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की जिद के आगे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी धराशाई होती दिखाई दे रही है. तमाम उपाय नाकाम साबित हो रहे हैं. तीसरी तिमाही के आंकड़ें जो सामने आए हैं वो 5 फीसदी से कम है, जो बीते वित्त वर्ष की समान अवधि से काफी कम है. अब तो आईएमएफ ने भी चेतावनी के तौर पर चीन की ग्रोथ अनुमान को कम कर दिया है. जो चीनी सरकार के अनुमान के बराबर ही है. आईएमएफ ने कहा है कि अगर चीन की रिकवरी में सुधार देखने को नहीं मिला तो साल 2025 तक ग्लोबल इकोनॉमी को को बड़ा झटका लग सकता है. आइए देखते हैं और समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर चीन की ग्रोथ कितनी है और किस ओर जा रही है.
मांग में कमी तथा रियल एस्टेट सेक्टर में सुस्ती के बीच चीन की इकोनॉमिक ग्रोथ जुलाई-सितंबर की तीसरी तिमाही में घटकर 4.9 प्रतिशत रही. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी की इकोनॉमिक ग्रोथ रेट तीसरी तिमाही में 4.9 फीसदी रही जो पिछले साल इसी अवधि में 6.3 फीसदी थी. हालांकि, विश्लेषकों ने इस अवधि के दौरान 4.5 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान जताया था.
चीन की सरकार ने बीते कुछ महीनों में इकोनॉमी को बेहतर करने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं. जिसमें रियल एस्टेट सेक्टर को पुनर्जीवित करने के प्रयास में बुनियादी ढांचे पर खर्च, ब्याज दरों में कटौती और घर खरीदने के लिए प्रतिबंधों में ढील देना शामिल है. उसके बाद भी ये कदम नाकाफी साबित हो रहे हैं. वैसे जानकारों का कहना है कि अगर ये कदम नहीं उठाए जाते तो स्थिति और भी ज्यादा खराब देखने को मिल सकती थी. वैसे सरकार की ओर से पूरे साल के लिए ग्रोथ का टारगेट 5 फीसदी रखा है.
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी आईएमएफ ने चीन के लिए अपने 2023 और 2024 के जीडीपी अनुमान को कम कर दिया है. आईएमएफ ने कहा कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी की रिकवरी “धीमी गति से” हो रही है. आईएमएफ ने इसका प्रमुख कारण प्रोपर्टी सेक्टर में सुस्ती को बताया है. आईएमएफ ने अपने आउटलुक में कहा कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी की ग्रोथ इस साल 5 फीसदी और अगले साल 4.2 फीसदी की दर से होने की उम्मीद है, जो आईएमएफ के अप्रैल पूर्वानुमान 5.2 फीसदी और 4.5 फीसदी से कम है. जिसकी वजह से चीन की जीडीपी में 2025 तक 1.6 फीसदी की गिरावट आ सकती है, जबकि ग्लोबल जीडीपी में 0.6 फीसदी की गिरावट आएगी.
सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष “
